विधानसभा चुनाव में टिकट उसे ही, जो चुनाव जीत सके
बूढ़ों पर भी दांव लगाएगी कांग्रेस, दो बार हारे को भी मौका८ एसबीटी न्यूज
श्रीगंगानगर। मीडिया रिपोट्र्स पर विश्वास करें तो कांग्रेस अब उन्हीं प्रत्याशियों को टिकट देगी, जो जीतने की क्षमता रखते होंगे। उम्मीदवार चाहे कितना ही बूढ़ा क्यों न हो, चाहे दो बार चुनाव हार भी चुका हो लेकिन अगर आलाकमान को लगेगा कि वह प्रत्याशी इस बार जीत सकता है तो टिकट उसी की झोली में जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के हवाले से आईं मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी तय करने का काम प्रारम्भ हो गया है। सर्वे एजेंसियों के साथ ही कार्यकर्ताओं से संभावित प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है।
पार्टी का लक्ष्य जिताऊ प्रत्याशी को मैदान में उतारना है। अब 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं और लगातार दो बार चुनाव हारने वालों को टिकट नहीं देने की पार्टी की पुरानी गाइड लाइन को भी दरकिनार किया जा रहा है।
पार्टी का एकमात्र लक्ष्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना है। इसके लिए यदि 70 साल से अधिक उम्र के नेता भी चुनाव जीतने की क्षमता रखते होंगे तो उन्हें भी टिकट दिया जाएगा। लगातार दो बार चुनाव हारने वालों को भी उसी शर्त पर टिकट दिया जाएगा जो कि आगामी चुनाव में जीतने की क्षमता रखते होंगे। आचार संहिता से पहले करेंगे चार बड़ी रैलियां
तीन दिन पहले जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो और पार्टी प्रतिनिधियों की सभा के बाद अब कांग्रेस ने आक्रामक चुनाव अभियान चलाने की रणनीति तय की है। इसके तहत विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले राहुल गांधी प्रदेश के चार संभागों में बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद राहुल गांधी की प्रदेश में 10 बड़ी सभाएं आयोजित कराने की पार्टी ने रणनीति बनाई है।
आधिकारिक कार्यक्रम दो दिन में
तीन दिन पहले जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो और सभा के बाद अब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भरतपुर, बीकानेर, कोटा और जोधपुर संभाग में राहुल गांधी की सभाएं आयोजित कराने पर विचार कर रही है। इस बारे में आधिकारिक रूप से अगले दो-दिन में कार्यक्रम तय हो जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सी.पी. जोशी संयुक्त रूप से जिलों की यात्राएं कर पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने के साथ ही आम मतदाताओं से भी रूबरू होंगे।
श्रीगंगानगर। मीडिया रिपोट्र्स पर विश्वास करें तो कांग्रेस अब उन्हीं प्रत्याशियों को टिकट देगी, जो जीतने की क्षमता रखते होंगे। उम्मीदवार चाहे कितना ही बूढ़ा क्यों न हो, चाहे दो बार चुनाव हार भी चुका हो लेकिन अगर आलाकमान को लगेगा कि वह प्रत्याशी इस बार जीत सकता है तो टिकट उसी की झोली में जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के हवाले से आईं मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी तय करने का काम प्रारम्भ हो गया है। सर्वे एजेंसियों के साथ ही कार्यकर्ताओं से संभावित प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है।
पार्टी का लक्ष्य जिताऊ प्रत्याशी को मैदान में उतारना है। अब 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं और लगातार दो बार चुनाव हारने वालों को टिकट नहीं देने की पार्टी की पुरानी गाइड लाइन को भी दरकिनार किया जा रहा है।
पार्टी का एकमात्र लक्ष्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना है। इसके लिए यदि 70 साल से अधिक उम्र के नेता भी चुनाव जीतने की क्षमता रखते होंगे तो उन्हें भी टिकट दिया जाएगा। लगातार दो बार चुनाव हारने वालों को भी उसी शर्त पर टिकट दिया जाएगा जो कि आगामी चुनाव में जीतने की क्षमता रखते होंगे। आचार संहिता से पहले करेंगे चार बड़ी रैलियां
तीन दिन पहले जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो और पार्टी प्रतिनिधियों की सभा के बाद अब कांग्रेस ने आक्रामक चुनाव अभियान चलाने की रणनीति तय की है। इसके तहत विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले राहुल गांधी प्रदेश के चार संभागों में बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद राहुल गांधी की प्रदेश में 10 बड़ी सभाएं आयोजित कराने की पार्टी ने रणनीति बनाई है।
आधिकारिक कार्यक्रम दो दिन में
तीन दिन पहले जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो और सभा के बाद अब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भरतपुर, बीकानेर, कोटा और जोधपुर संभाग में राहुल गांधी की सभाएं आयोजित कराने पर विचार कर रही है। इस बारे में आधिकारिक रूप से अगले दो-दिन में कार्यक्रम तय हो जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सी.पी. जोशी संयुक्त रूप से जिलों की यात्राएं कर पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने के साथ ही आम मतदाताओं से भी रूबरू होंगे।
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