टैंट, डीजल, खाना तो ठीक है लेकिन भीड़ कहां से लाएंगे?
- पाली की खबर से हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के भाजपाइयों मेंं चिंता
श्रीगंगानगर। दो हजार से कम लोग दिखे तो स्वागत कराने रथ से नहीं उतरेंगी मुख्यमंत्री वसुधरा, आमसभा में भी 25 हजार की भीड़ जुटाना जरूरी होगा। यह हिदायतें दर्ज हैं पाली में 29-30 अगस्त को प्रस्तावित सुराज गौरव यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में वहां हुई बैठक की खबर में। यह खबर पाली के अखबार में प्रकाशित हुई है, जिसके वायरल होने के बाद श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के भाजपाइयों मेंं चिंता की लहर है। भाजपाइयों के सामने सवाल है कि वह लोग यात्रा के लिए डीजल, टैंट, खाना, पांडाल आदि की व्यवस्थाएं तो कर देंगे लेकिन इस दौरान भीड़ कहां से लाएंगे?
हनुमानगढ़ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ने इस खबर की कतरन आज सोशल मीडिया पर डालते हुए तंज कसा कि गौरव यात्रा निकालने के पीछे भाजपा के लिए जनमत जुटाने के लिए निकालने का दावा है लेकिन तेवर देखकर लगता है मानो प्रदेश मेंं लोकतंत्र नहीं आज भी राजतंत्र है। लोग फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर इस पर खूब कमेंट कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता यह खबर विपक्ष में होने के नाते सोशल मीडिया पर डाली है लेकिन भाजपाइयों में इससे चिंता होना स्वाभाविक है क्योंकि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भाजपा के कार्यक्रमों में आम लोगों का अभाव ही रहता आ रहा है। भाजपा के बड़े-बड़े कार्यक्रमों मेंं नाम मात्र लोग ही जुटते हैं। इसी कारण भाजपा मुख्यमंत्री के आने पर भी आमसभा के नाम से परहेज करती है और कार्यक्रमों को कार्यकर्ता बैठक आदि नाम दे दिया जाता है। सितंबर में सीएम श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में यात्रा लेकर पहुंच रही हैं। स्वाभाविक है पाली की तरह यहां भी सभा में 25 हजार की भीड़ जुटाने के लिए फरमान जारी होगा। यह दोनों ही जिलों में संभव नहीं लग रहा है।
पाली में यह बैठक चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने ली। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को सभास्थल तक लाने-ले-जाने की व्यवस्था के लिए बसों, डीजल तथा खाने की व्यवस्था विधायकों को करनी होगी। सभास्थल पर बनने वाले मंच, सभा संचालन व पांडाल की जिम्मेदारी संगठन की होगी। उन्होंने साफ कहा कि स्वागत में कम से कम 2 हजार लोगों की भीड़ होनी ही चाहिए। अगर नहीं हुई तो सीएम रथ से नहीं उतरेंगी। सभा में 25 हजार लोगों को हर हाल में बुलाना होगा।
श्रीगंगानगर। दो हजार से कम लोग दिखे तो स्वागत कराने रथ से नहीं उतरेंगी मुख्यमंत्री वसुधरा, आमसभा में भी 25 हजार की भीड़ जुटाना जरूरी होगा। यह हिदायतें दर्ज हैं पाली में 29-30 अगस्त को प्रस्तावित सुराज गौरव यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में वहां हुई बैठक की खबर में। यह खबर पाली के अखबार में प्रकाशित हुई है, जिसके वायरल होने के बाद श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के भाजपाइयों मेंं चिंता की लहर है। भाजपाइयों के सामने सवाल है कि वह लोग यात्रा के लिए डीजल, टैंट, खाना, पांडाल आदि की व्यवस्थाएं तो कर देंगे लेकिन इस दौरान भीड़ कहां से लाएंगे?
हनुमानगढ़ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ने इस खबर की कतरन आज सोशल मीडिया पर डालते हुए तंज कसा कि गौरव यात्रा निकालने के पीछे भाजपा के लिए जनमत जुटाने के लिए निकालने का दावा है लेकिन तेवर देखकर लगता है मानो प्रदेश मेंं लोकतंत्र नहीं आज भी राजतंत्र है। लोग फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर इस पर खूब कमेंट कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता यह खबर विपक्ष में होने के नाते सोशल मीडिया पर डाली है लेकिन भाजपाइयों में इससे चिंता होना स्वाभाविक है क्योंकि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भाजपा के कार्यक्रमों में आम लोगों का अभाव ही रहता आ रहा है। भाजपा के बड़े-बड़े कार्यक्रमों मेंं नाम मात्र लोग ही जुटते हैं। इसी कारण भाजपा मुख्यमंत्री के आने पर भी आमसभा के नाम से परहेज करती है और कार्यक्रमों को कार्यकर्ता बैठक आदि नाम दे दिया जाता है। सितंबर में सीएम श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में यात्रा लेकर पहुंच रही हैं। स्वाभाविक है पाली की तरह यहां भी सभा में 25 हजार की भीड़ जुटाने के लिए फरमान जारी होगा। यह दोनों ही जिलों में संभव नहीं लग रहा है।
पाली में यह बैठक चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने ली। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को सभास्थल तक लाने-ले-जाने की व्यवस्था के लिए बसों, डीजल तथा खाने की व्यवस्था विधायकों को करनी होगी। सभास्थल पर बनने वाले मंच, सभा संचालन व पांडाल की जिम्मेदारी संगठन की होगी। उन्होंने साफ कहा कि स्वागत में कम से कम 2 हजार लोगों की भीड़ होनी ही चाहिए। अगर नहीं हुई तो सीएम रथ से नहीं उतरेंगी। सभा में 25 हजार लोगों को हर हाल में बुलाना होगा।
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