ड्रग्स से लडऩे के लिए सात राज्यों की बैठक शुरू बैठक में हरियाणा एवं पंजाब के मुख्यमंत्री मौजूद
राजस्थान से पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा पहुंचे
श्रीगंगानगर। उत्तरी भारत के राज्यों के युवाओं में बढ़ रहे ड्रग्स के नशे पर काबू पाने के लिए अब 7 राज्यों ने मिलकर इसके खिलाफ लडऩा तय किया है। नशे के खिलाफ छेड़ी जाने वाली मुहिम में राजस्थान भी शामिल है। चंडीगढ़ में आज सुबह शुरू हुई महत्वपूर्ण बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर शामिल हुए हैं। राजस्थान से पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा बैठक में मौजूद हैं। बैठक का विषय 'ड्रग मीनेस चैलेंजिंस एंड स्टे्रेटिजीजÓ है। बैठक में हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और नई दिल्ली के नेताओं एवं आला अफसर शिरकत कर रहे हैं। कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में वीडियो कान्फे्रंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। बैठक में नशे पर काबू पाने के साथ-साथ इस बीमारी की जड़ तक पहुंचने की रणनीति तय करने पर चर्चा चल रही है। उल्लेखनीय है कि इन सात राज्यों में से चार राज्यों हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, नई दिल्ली के बीच इससे पूर्व जलापूर्ति व कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी संयुक्त बैठक हो चुकी है। अब नशे के खिलाफ होने वाली जंग में सात राज्यों के साथ केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी शामिल किया जा रहा है। चंडीगढ़ में भी ड्रग्स की जड़ें लगातार फैल रही हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नई दिल्ली व चंडीगढ़ में क्राइम पर कंट्रोल के लिए भी इन राज्यों के मुख्यमंत्री आपस में बैठक कर चुके हैं। संगीन अपराधों पर काबू पाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का भी गठन हो चुका है। अब ड्रग्स के खिलाफ अगर इन राज्यों की मुहिम सही से काम करती है तो युवाओं को नशे की बुराई से दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने ड्रग की समस्या पर अंकुश लगाने के सम्बंध में पंजाब के मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह के पत्र के जवाब में कहा था कि हरियाणा सरकार नशीली दवाओं की तस्करी और िबक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए दूसरे राज्यों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले निशाने पर रहने के आसार
चंडीगढ़ में बैठक के बाद श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिला निशाने पर रहने के आसार हैं। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नशे का प्रचलन बड़ी समस्या है। पंजाब और हरियाणा में नशीले पदार्थों की तस्करी भी यहां से होकर होती है। चिट्टा आदि कुछ मादक पदार्थ पंजाब से इन दोनों जिलों मेंं आते हैं। सात राज्यों की संयुक्त कार्रवाई होने पर इन दोनों जिलों मेंं भी नशे पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
श्रीगंगानगर। उत्तरी भारत के राज्यों के युवाओं में बढ़ रहे ड्रग्स के नशे पर काबू पाने के लिए अब 7 राज्यों ने मिलकर इसके खिलाफ लडऩा तय किया है। नशे के खिलाफ छेड़ी जाने वाली मुहिम में राजस्थान भी शामिल है। चंडीगढ़ में आज सुबह शुरू हुई महत्वपूर्ण बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर शामिल हुए हैं। राजस्थान से पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा बैठक में मौजूद हैं। बैठक का विषय 'ड्रग मीनेस चैलेंजिंस एंड स्टे्रेटिजीजÓ है। बैठक में हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और नई दिल्ली के नेताओं एवं आला अफसर शिरकत कर रहे हैं। कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में वीडियो कान्फे्रंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। बैठक में नशे पर काबू पाने के साथ-साथ इस बीमारी की जड़ तक पहुंचने की रणनीति तय करने पर चर्चा चल रही है। उल्लेखनीय है कि इन सात राज्यों में से चार राज्यों हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, नई दिल्ली के बीच इससे पूर्व जलापूर्ति व कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी संयुक्त बैठक हो चुकी है। अब नशे के खिलाफ होने वाली जंग में सात राज्यों के साथ केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी शामिल किया जा रहा है। चंडीगढ़ में भी ड्रग्स की जड़ें लगातार फैल रही हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नई दिल्ली व चंडीगढ़ में क्राइम पर कंट्रोल के लिए भी इन राज्यों के मुख्यमंत्री आपस में बैठक कर चुके हैं। संगीन अपराधों पर काबू पाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का भी गठन हो चुका है। अब ड्रग्स के खिलाफ अगर इन राज्यों की मुहिम सही से काम करती है तो युवाओं को नशे की बुराई से दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने ड्रग की समस्या पर अंकुश लगाने के सम्बंध में पंजाब के मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह के पत्र के जवाब में कहा था कि हरियाणा सरकार नशीली दवाओं की तस्करी और िबक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए दूसरे राज्यों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले निशाने पर रहने के आसार
चंडीगढ़ में बैठक के बाद श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिला निशाने पर रहने के आसार हैं। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नशे का प्रचलन बड़ी समस्या है। पंजाब और हरियाणा में नशीले पदार्थों की तस्करी भी यहां से होकर होती है। चिट्टा आदि कुछ मादक पदार्थ पंजाब से इन दोनों जिलों मेंं आते हैं। सात राज्यों की संयुक्त कार्रवाई होने पर इन दोनों जिलों मेंं भी नशे पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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