शुभ योग और नक्षत्रों के संयोग में मनाया जाएगा रक्षाबंधन
-भाई बहन के स्नेह का प्रतीक पर्व 26 को, इस बार नहीं भद्रा का साया
श्रीगंगानगर। भाई बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व 26 अगस्त को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया नहीं है। ऐसे मेंं बहनें पूरा दिन कभी भी भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार विभिन्न शुभ नक्षत्रों और योग के संयोग में आना और भी शुभ माना जा रहा है। पंडित सत्यपाल पाराशर ने बताया कि इस बार पूर्णिमा तिथि 25 अगस्त को दोपहर बाद 3.20 बजे शुरू हो जाएगी और अगले दिन 26 अगस्त को शाम 5.25 बजे तक रहेगी। लेकिन पूर्णिमा तिथि शुरू होते ही राखियां नहीं बांधी जा सकेंगी क्योंकि पूर्णिमा तिथि के साथ-साथ ठीक इसी समय पर भद्रा भी शुरू हो जाएगी। भद्रा 26 अगस्त को तड़के 4.23 बजे तक रहेगी। इसके बाद राखियां बांधने का शुभ समय शुरू हो जाएगा। शाम को 5.25 बजे पूर्णिमा तिथि तक राखियां बांधी जा सकेंगी। पंडित पाराशर ने बताया कि इस बार रक्षा बंधन का त्योहार धनिष्ठा और श्रवण नक्षत्र तथा सुस्थिर योग में मनाया जाएगा। यह बहुत अच्छे योग संयोग हैं।
बाजारों मेंं हलचल शुरू
रक्षा बंधन पर्व के कारण बाजारों में हलचल शुरू हो गई है। रक्षा बंधन का त्योहार जैसे-जैसे पास आ रहा है, वैसे ही बाजारों में भी रोनक बढ़ती जा रही है। भाइयों की कलाई को सजाने के लिए बहनें अभी से राखियों की खरीददारी में लग गई हैं। बाजारों मेंं दुकानें साधारण धागे से लेकर डिजायनर राखियों से सज गई हैं। भाइयों से दूर रह रही बहनें खतों के जरिए भाइयों तक अपना प्यार पहुंचाने के लिए उत्सुक हैं।
श्रीगंगानगर। भाई बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व 26 अगस्त को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया नहीं है। ऐसे मेंं बहनें पूरा दिन कभी भी भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार विभिन्न शुभ नक्षत्रों और योग के संयोग में आना और भी शुभ माना जा रहा है। पंडित सत्यपाल पाराशर ने बताया कि इस बार पूर्णिमा तिथि 25 अगस्त को दोपहर बाद 3.20 बजे शुरू हो जाएगी और अगले दिन 26 अगस्त को शाम 5.25 बजे तक रहेगी। लेकिन पूर्णिमा तिथि शुरू होते ही राखियां नहीं बांधी जा सकेंगी क्योंकि पूर्णिमा तिथि के साथ-साथ ठीक इसी समय पर भद्रा भी शुरू हो जाएगी। भद्रा 26 अगस्त को तड़के 4.23 बजे तक रहेगी। इसके बाद राखियां बांधने का शुभ समय शुरू हो जाएगा। शाम को 5.25 बजे पूर्णिमा तिथि तक राखियां बांधी जा सकेंगी। पंडित पाराशर ने बताया कि इस बार रक्षा बंधन का त्योहार धनिष्ठा और श्रवण नक्षत्र तथा सुस्थिर योग में मनाया जाएगा। यह बहुत अच्छे योग संयोग हैं।
बाजारों मेंं हलचल शुरू
रक्षा बंधन पर्व के कारण बाजारों में हलचल शुरू हो गई है। रक्षा बंधन का त्योहार जैसे-जैसे पास आ रहा है, वैसे ही बाजारों में भी रोनक बढ़ती जा रही है। भाइयों की कलाई को सजाने के लिए बहनें अभी से राखियों की खरीददारी में लग गई हैं। बाजारों मेंं दुकानें साधारण धागे से लेकर डिजायनर राखियों से सज गई हैं। भाइयों से दूर रह रही बहनें खतों के जरिए भाइयों तक अपना प्यार पहुंचाने के लिए उत्सुक हैं।
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