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दूध के लिए मचा हाहाकार

श्रीगंगानगर शहर में दूध का संकट दूसरे दिन भी गहरा गया है। एक तरफ श्राद्ध पक्ष के कारण दूध और इससे बनने वाले उत्पादों की मांग बढ़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ दूध विक्रेता किसानों की हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों से शहर की ओर आने वाली दूध की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। नतीजा यह है कि शहर की कई डेयरियों और दुकानों पर दूध, पनीर और लस्सी की उपलब्धता प्रभावित हो गई है तथा उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूध विक्रेता किसानों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को किसानों ने दूध की आपूर्ति बंद रखी। आरोप है कि मंडी के चारों ओर नाके लगाकर दूध लेकर आने वाले वाहनों को रोका गया। कुछ स्थानों पर दूध जब्त करने की बात भी सामने आई है। जिला पुजिस अधीक्षक हरिशंकर यादव इस बारे में कहते है कि आरोपियों के खिलाफ परिवाद मिलने पर मुकदमें दर्ज किए जा रहे है। आवश्यक कार्यवाही की जाएगी ताकि पब्लिक को परेशानी का सामना नहीं करना पडें़। उधर श्रीगंगानगर में दूध के रेट बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन करने वालों का विरोध होने लगा है। हड़ताल के बीच दूध की सप्लाई देने जा रहे एक दूध विके्रता से हाथापाई करके उसकी दूध की गाड़ी लूटने की घटना सामने आई है। इस संंबंध में खाद्य पेयजल, मिष्ठान विके्रता संघ के पदाधिकारी सदर पुलिस थाना में पहुंचे और मुकदमा दर्ज करवाने के लिए परिवाद दिया। पुलिस ने बताया कि दूध विके्रता अब्दुल सतार की ओर से यूनियन के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अब्दुल सतार ने परिवाद में बताया कि यूनियन वालों ने कैंची में दूध सप्लाई देने की छूट दी थी। इस पर मैं अपनी गाड़ी में 6 क्विंटल दूध लेकर कैंची में सप्लाई देने जा रहा था। रास्ते में मुझे सूचना मिली कि मेरे भाई का एक्सीडेंट हो गया। मैं वापिस आने लगा तो निम्मेवाला के निकट बाइपास पर यूनियन वालों ने मुझे रोक लिया। मेरी गाड़ी छीन ली। गाड़ी में डेढ लाख रुपए की नगदी थी।

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