संविदाकर्मी और आशा सहयोगिनी बिना इस्तीफे नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने 'लाभ के पदÓ के दायरे को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को भेजे गए आदेशों के मुताबिक, संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगिनी अपने पद पर रहते हुए चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके विपरीत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना वेतन अवकाश लेकर और राशन डीलरों को बिना किसी रोक-टोक के चुनाव लडऩे की छूट दी गई है।
संविदाकर्मी और आशा सहयोगिनी के लिए इस्तीफा जरूरी राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगिनी का पद लाभ के पद के दायरे में आता है। नियमों के अनुसार, लाभ के पद पर आसीन कोई भी व्यक्ति पंचायतीराज संस्थाओं—पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव नहीं लड़ सकता। ऐसे में यदि ये कार्मिक चुनाव लडऩा चाहते हैं, तो उन्हें नामांकन से पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा और वह इस्तीफा सक्षम स्तर से मंजूर होना अनिवार्य होगा।

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