सभापति बनने के लिए पार्षद होना जरूरी नहीं!
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों के बीच सभापति पद को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं में एक महत्वपूर्ण कानूनी तथ्य सामने आया है। राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 78 के अनुसार नगरपालिका का सभापति सीधे जनता द्वारा नहीं चुना जाता, बल्कि नगरपालिका के निर्वाचित सदस्य सभापति का चुनाव करते हैं, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सभापति पद का उम्मीदवार खुद पार्षद होना जरूरी नहीं है।
नियम 78(1) में कहा गया है कि नगरपालिका के अध्यक्ष/सभापति का पद निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गए व्यक्ति से भरा जाएगा। वहीं नियम 78(2) में किसी व्यक्ति के सभापति बनने की पात्रता का प्रावधान है, जबकि नियम 78(3) में अलग से कहा गया है कि निर्वाचित सदस्य भी सभापति बनने के पात्र होंगे।

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