खेतों की अब ड्रोन से होगी रियल-टाइम निगरानी; चार राज्यों में हो रही तैयारी
अब खेत में लगी आग की सिर्फ संख्या यानी फायर काउंट को आधार बनाकर पराली जलाने की स्थिति नहीं आंकी जाएगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस बार आग की तीव्रता, जले क्षेत्रफल और उससे निकलने वाले धुएं को भी आकलन में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
सीएक्यूएम ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को फसल अवशेष जलाने की निगरानी के लिए ड्रोन आधारित तंत्र अपनाने के निर्देश दिए हैं। ड्रोन खासकर उन इलाकों में प्रभावी होंगे, जहां किसान उपग्रह की नजर से बचने के लिए शाम या देर शाम खेतों में आग लगाते हैं।

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