डॉक्टरों के लिए एक यूनिक आईडी का प्रस्ताव:देश में कहीं भी कर सकेंगे प्रैक्टिस
नेशनल मेडिकल कमीशन ने हर रजिस्टर्ड डॉक्टर के लिए केंद्रीय स्तर पर एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर देने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत एक बार राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन होने के बाद डॉक्टर को देश के किसी दूसरे राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी।
यह प्रस्ताव डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन और प्रैक्टिस लाइसेंस से जुड़े 2026 के ड्राफ्ट नियमों में रखा गया है। इसके मुताबिक, राज्य मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन देने के बाद एनएमसी का एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड डॉक्टर को यूआईडी जारी करेगा। यह नंबर डॉक्टर को नेशनल मेडिकल रजिस्टर में भी रजिस्टर्ड करेगा और पूरे देश में प्रैक्टिस की अनुमति देगा।

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