बाल विवाह निषेध कानून सभी धर्मों और पंथों पर लागू: हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बाल विवाह को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 व पाक्सो अधिनियम देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे उनका धर्म या पंथ कोई भी हो।
अदालत ने कहा कि यदि शरिया या मुस्लिम पर्सनल ला के तहत भी किशोरावस्था में विवाह की अनुमति मानी जाती है, तब भी वह बाल विवाह निषेध कानून व पाक्सो अधिनियम के प्रविधानों का उल्लंघन होगा। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने यह टिप्पणी बुलंदशहर के एक मामले में दर्ज एफआइआर रद करने की मांग वाली याचिका खारिज कर की।

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