सिर्फ गाली-गलौज या अभद्र भाषा अश्लीलता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गाली के मामले में साफ किया है कि सिर्फ गाली-गलौज, अपशब्द, अभद्र या अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल करना भारतीय दंड संहिता यानी आईपीएस की धारा 294 के तहत 'अश्लीलताÓ नहीं माना जा सकता. पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में अश्लीलता और अभद्रता अलग-अलग अवधारणाएं हैं. कोर्ट ने साफ किया कि कानून की नजर में अश्लीलता, गाली-गलौज या अपशब्दों से अलग है. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने यह टिप्पणी तमिलनाडु के 70 साल के व्यक्ति की अपील पर सुनवाई के दौरान की.

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