अब जंगल के लिए तैयार होंगे गोडावण, पहली बार 3 चूजे पहुंचे रिवाइल्डिंग टनल
राजस्थान के लिए वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है. जैसलमेर के रामदेवरा स्थित गोडावण संरक्षण केंद्र में पहली बार तीन नन्हे गोडावण के चूजों को नई तैयार की गई रिवाइल्डिंग टनल में छोड़ा गया है. यह कदम गोडावण संरक्षण अभियान में नया अध्याय साबित होगा. अब तक संरक्षण केंद्र में चूजों का पालन-पोषण इंसानों की देखरेख में होता था, लेकिन अब उन्हें प्राकृतिक माहौल में रहने की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि भविष्य में उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जा सके.
राजस्थान का राजकीय पक्षी गोडावण दुनिया के सबसे दुर्लभ पक्षियों में शामिल है. इसकी घटती संख्या को देखते हुए लंबे समय से संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है.

No comments