नागौर जिले की चिकित्सा व्यवस्था वेंटिलेटर पर
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री के गृह जिले नागौर में ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रही हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से चिकित्सा व्यवस्था लगभग वेंटिलेटर पर पहुंच गई है। हालात यह हैं कि जिले में स्वीकृत 336 चिकित्सकों के पदों के मुकाबले केवल 220 चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि 116 पद रिक्त पड़े हैं। मरीजों को पूरा उपचार नहीं मिलने पर उन्हें नजदीकी जोधपुर, जयपुर या बीकानेर जाकर उपचार कराना पड़ता है।

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