किसान चिंतित, खेत में बुवाई से लेकर मंडी तक फसल लाना हुआ महंगा
अलवर जिले में इस महीने खरीफ की फसल बुवाई शुरू हो जाएगी। डीजल के दामों का असर इस पर साफ पड़ेगा। सिंचाई, जुताई, रोपाई और कटाई जैसे अधिकांश कृषि कार्य डीजल आधारित मशीनों पर निर्भर हैं, इसलिए ईंधन महंगा होने का असर सीधे उत्पादन लागत पर दिखाई देगा। बाजरा व कपास की फसल में औसतन 80 से 100 लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में बढ़ी हुई कीमतों के प्रति बीघा 400 से 500 रुपए तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। फसल कटाई के बाद उसे मंडी तक लाने वाले वाहनों का का भी किराया बढ़ गया है, ऐसे में किसान की आय पर सीधा असर नजर आएगा।

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