513 दिन अनुपस्थित रहने वाले बैंक अधिकारी की सेवा समाप्ति को हाईकोर्ट ने माना सही
जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के एक प्रोबेशनरी अधिकारी की सेवा समाप्ति को वैध ठहराते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी. जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने कहा कि प्रोबेशन अवधि के दौरान कर्मचारी का आचरण और कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संस्था को सेवा समाप्त करने का अधिकार है और ऐसी कार्रवाई को दंडात्मक या कलंकित आदेश नहींबैंक की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा गया कि याचिकाकर्ता प्रोबेशन अवधि के दौरान कुल 513 दिन तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहा. बैंक ने रिकॉर्ड पेश कर बताया कि कर्मचारी को कई बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया. माना जा सकता.

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