जयपुर में पहली बार प्रदर्शित हुआ दुर्लभ रत्न:100 किलो का अमेथिस्ट एगेट
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर आज जयपुर में पहली बार दुर्लभ रत्न प्रदर्शित किया गया है। जिसकी आकृति कैलाश पर्वत के जैसी है और जिसमें स्वयंभू ब्रह्मा, विष्णु और महेश की आकृति दिखाई देती है। इस विशेष रत्न को ब्राजील से लाया गया है, जिसका वजन 100 किलो है।
इस दर्लभ रत्न को खजाना महल जेम एंड ज्वेलरी म्यूजियम में प्रदर्शित किया गया है। म्यूजियम प्रशासन के अनुसार यह एक सिंगल पीस अमेथिस्ट एगेट है, जो प्राकृतिक रूप से तीन जुड़े हुए हिस्सों में विकसित हुआ है। इसकी संरचना कैलाश पर्वत जैसी प्रतीत होती है और भीतर मौजूद क्रिस्टल संरचनाएं त्रिदेव के स्वरूप का एहसास कराती हैं।

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