राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला; भ्रष्टाचार में दोषी साबित होने पर भी नहीं रोक सकते पेंशन
भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए गए कर्मचारी की भी पूरी पेंशन रोकने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है।
जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम से जुड़े मामले में यह आदेश दिया। अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में कहा कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारी पेंशन विनियम, 1989 की विनियम-4 के तहत प्राधिकरण को पेंशन रोकने का अधिकार जरूर है, लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं माना जा सकता।
अदालत ने कहा कि प्रशासनिक आदेश स्पीकिंग ऑर्डर होना चाहिए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि किस आधार पर कठोर निर्णय लिया गया। केवल दोषसिद्धि का उल्लेख कर पूरी पेंशन रोक देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

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