अचानक हुए विवाद में फावड़े का वार हत्या नहीं- हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने एक अहम और रिपोर्टेबल फैसले में पत्नी की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट के आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अचानक हुए झगड़े में बिना किसी पूर्व इरादे के किए गए हमले को हत्या की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
कोर्ट ने इस मामले में दोनों अपीलों का अंतिम आदेश पारित करते हुए आरोपी पिंटू उर्फ प्रवीण सिंह की दोषसिद्धि को आईपीसी की धारा 304 पार्ट-फस्र्ट से बदलकर धारा 304 पार्ट-सैकिंड कर दिया है और उसे 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

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