राजस्थान के इस गांव में धुलंडी पर पुरुषों का प्रवेश वर्जित
होली का पर्व जहां देशभर में रंग-गुलाल और उमंग के साथ मनाया जाता है। वहीं, टोंक जिले का नगर गांव धुलंडी के दिन एक अनूठी परंपरा का साक्षी बनता है। यहां इस दिन गांव की बागडोर पूरी तरह महिलाओं के हाथों में रहती है और पुरुषों का गांव में रहना वर्जित होता है।
ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा लगभग दो सौ वर्ष पुरानी है। मान्यता है कि तत्कालीन जागीरदार राजा ने निर्णय लिया था कि वर्ष में एक दिन महिलाओं का 'राजÓ रहेगा, ताकि वे बिना घूंघट और लोक-लाज के बंधनों के होली का आनंद ले सकें। इसी परंपरा के तहत धुलंडी की सुबह गांव के सभी पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग गांव की सीमा से बाहर चले जाते हैं।

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