सिर्फ पेशे के नाम से पुकारना एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं, हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। एक आदेश में उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को उसके पेशे के आधार पर पुकारने मात्र से एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं बनता, जब तक यह सिद्ध न हो कि ऐसे शब्द जानबूझकर उस समुदाय से संबंधित व्यक्ति को अपमानित करने की मंशा से कहे गए। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अनिल कुमार दशम ने गौतम बुद्ध नगर में एससी/एसटी के विशेष जज के सम्मन आदेश को चुनौती देने वाली आपराधिक अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए की है।
कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके पेशे से संबोधित करना अपने आप में एक्ट के प्रावधानों को आकर्षित नहीं करेगा, जब तक यह स्थापित न हो कि शब्दों का प्रयोग विशेष रूप से अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित व्यक्ति को अपमानित करने की नीयत से किया गया।

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