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2 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका दहन उत्तम


चन्द्रहण व भद्रा की उलझन के बीच ज्योतिषार्य 2 मार्च को होलिका दहन पर सहमत हो गए हैं। इस दिन शाम 6.30 बजे से 7.15 बजे के बीच होलिका दहन किया जा सकेगा। होलिका दहन प्रदोष काल में किया जाना उत्तम माना जाता है। चूंकि इस दिन शाम 5.55 बजे पूर्णिमा शुरू हो रही है और प्रदोषकाल शाम 5.47 से 7.17 तक रहेगा। प्रदोष काल सूर्यास्त से पौन घंटा पहले व पौन घंटा बाद तक होता है। दो मार्च को सूर्यास्त का समय 6.32 बजे रहेगा।
परंपरा के अनुसार होली के अगले दिन धुलंडी होती है। लोग इस बार भी इसका अनुसरण करेंगे लेकिन यह शास्त्र सम्मत नहीं है। कारण यह है कि 3 मार्च को चन्द्रहण है जो अपराह्न 3.27 बजे शुरू होकर शाम 6.56 बजे तक रहेगा। चन्द्रग्रहण का सूतक 3 मार्च को सुबह 6.20 बजे शुरू हो जाएगा। इस कारण धुलंडी 4 मार्च को मनाई जा सकेगी।

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