माघ मेला 2026 में दिखेगा वैष्णव अखाड़ों का राजसी वैभव
इस वर्ष का माघ मेला आध्यात्मिक वैभव और सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा संगम बनने जा रहा है। संगम की रेती पर लगने वाला यह मेला इस बार अपनी पुरानी सीमाओं को लांघकर एक नया इतिहास रचने को तैयार है। विशेष रूप से मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के पर्वों पर यहां का दृश्य किसी लघु महाकुंभ जैसा प्रतीत होगा। माघ मेला 2026 न केवल आस्था का संगम होगा, बल्कि यह आने वाले महाकुंभ 2028 की एक भव्य रिहर्सल के रूप में भी देखा जा रहा है। प्रयागराज की पवित्र त्रिवेणी की रेती पर इस बार वैष्णव अखाड़ों का जो स्वरूप दिखेगा, वह एक नई परंपरा की शुरुआत करने जा रहा है।

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