अपने धर्म का पालन और दूसरे के धर्म का आदर करो : स्वामी रामाचार्य
श्रीगंगानगर में श्री बिश्नोई मंदिर बुड्ढा जोहड डाबला में आयोजित श्री जाम्भाणी हरिकथा के चौथे दिन स्वामी रामाचार्य जी महाराज ने कहा कि सभी अपने धर्म का पालन करें, लेकिन दूसरे के धर्म का भी आदर करना चाहिए।
अगर हम दूसरे के धर्म का आदर करेंगे तो ही लोग अपने आप आपके धर्म का आदर करेंगे। उन्होंने संबोधन में बताया कि गुरू महाराज जाम्भोजी ने 27 साल गाय चराई थी और जाम्भोजी महाराज आज से 500 साल पहले ही पर्यावरण और जीवरक्षा का पाठ पढ़ा दिया था। बिश्नोई मंदिर समिति के प्रधान अरविन्द सियाग ने बताया कि 12 को शुरू हुई यह हरिकथा 18 जनवरी तक चलेगी । कथा के समापन पर हवन होगा।

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