जेल से कैदी की चिट्ठी को हाईकोर्ट ने माना याचिका:गरीब कैदियों के लिए पैरोल पर नई गाइडलाइन
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक कैदी की चिट्ठी को रिट याचिका मानते हुए अहम फैसला सुनाया है। जोधपुर मुख्यपीठ ने स्पष्ट किया कि गरीबी कोई गुनाह नहीं है। कोर्ट ने पैरोल पर रिहाई के लिए गरीब कैदियों से जमानती मांगने के अधिकारियों के यांत्रिक रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस फरजंद अली की खंडपीठ ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट में भविष्य के लिए नई गाइडलाइन जारी करते हुए कहा- कैदी की आर्थिक स्थिति देखकर ही बॉन्ड की शर्त तय की जाए।

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