मिलती-जुलती शक्ल के आदमी के साथ मिलकर फर्जी तरीके से बेची 15 करोड़ की जमीन
दिल्ली पुलिस में तैनात चालक की मौत के 6 साल बाद भूमाफिया ने उसकी करीब 2 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कई लोगों के नाम करा दी। यही नहीं यूआइटी ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए भू-रूपांतरण करके पट्टे भी जारी कर दिए।
18 फरवरी, 1999 को कपिल राजन व इंदर यादव ने मदन लाल की शक्ल से मिलते हुए जयपुर के व्यक्ति उदय सिंह को उप पंजीयन कार्यालय अलवर में प्रस्तुत करके पांच लोगों के नाम मदनलाल की 2 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करा दी।
रजिस्ट्री पर खरीदारों के हस्ताक्षर भी नहीं है। इसके बाद इस जमीन का भू-रूपांतरण कराया और पट्टे भी यूआइटी से जारी करवा दिए गए। 20 से अधिक भूखंड बेचकर करोड़ों रुपए कमाए।
18 फरवरी, 1999 को कपिल राजन व इंदर यादव ने मदन लाल की शक्ल से मिलते हुए जयपुर के व्यक्ति उदय सिंह को उप पंजीयन कार्यालय अलवर में प्रस्तुत करके पांच लोगों के नाम मदनलाल की 2 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करा दी।
रजिस्ट्री पर खरीदारों के हस्ताक्षर भी नहीं है। इसके बाद इस जमीन का भू-रूपांतरण कराया और पट्टे भी यूआइटी से जारी करवा दिए गए। 20 से अधिक भूखंड बेचकर करोड़ों रुपए कमाए।

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