सबरीमला मंदिर आने वाले बच्चों के लिए उठाया गया प्रशंसनीय कदम
केरल पुलिस ने सबरीमला तीर्थयात्रा के दौरान बच्चों को भीड़ में खोने से बचाने के लिए उनके हाथों में 'आर्मबैंडÓ लगाने की शुरुआत की है। पुलिस के अनुसार, पंबा में दस वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को 'आर्मबैंडÓ प्रदान किया जाता है, जिस पर बच्चे का नाम और उसके साथ आने वाले अभिभावक का मोबाइल नंबर अंकित होता है।
उन्होंने बताया कि 'आर्मबैंडÓ पर एक क्यूआर कोड भी लगा होता है, जिसमें बच्चे का विवरण होता है। अगर कोई बच्चा भीड़ में बिछड़ जाए तो यह सुरक्षा बैंड पुलिस को उसके माता-पिता को तुरंत ढूंढने में मदद करता है।
उन्होंने बताया कि 'आर्मबैंडÓ पर एक क्यूआर कोड भी लगा होता है, जिसमें बच्चे का विवरण होता है। अगर कोई बच्चा भीड़ में बिछड़ जाए तो यह सुरक्षा बैंड पुलिस को उसके माता-पिता को तुरंत ढूंढने में मदद करता है।

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