प्रशासनिक अनुमति होती, तो भी दर्ज होता मुकदमा
श्रीगंगानगर के हनुमानगढ़ मार्ग पर रिद्धि सिद्धि कॉलोनी में स्थित पिरामिड क्लब और डीप प्रोडक्शन कंपनी के संचालकों द्वारा खतरनाक स्टंटबाजी करने के कार्यक्रम की अगर प्रशासनिक अनुमति होती, तो भी आयोजकों के खिलाफ शर्तो का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज होता। जिला प्रशासन अगर किसी कार्यक्रम की अनुमति जारी करता है, तो वह सशर्त होती है। शर्तो की पालना नहीं करने वालों पर सख्त कार्यवाही की हिदायत भी अनुमति में दी जाती है।
जानकारी के अनुसार रिद्धि सिद्धि कॉलोनी की माल रोड पर डीप प्रोडक्शन कंपनी के अगम खन्ना और पिरामिड क्लब के संचालकों द्वारा 1 जून की रात को कार,जीपों तथा मोटरसाइकिलों से आम सड़क को अवरुद्ध कर स्टंटबाजी की गई थी, इसमें मोडिफाइड कारों, जीपों और मोटरसाइकिलों का खतरनाक तरीके से इस्तेमाल किया गया था। इस मामले में सदर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद आयोजक सक्रिय हुए। चर्चा है कि आयोजकों ने बैक डेट में अनुमति लिए जाने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।
जानकारी के अनुसार रिद्धि सिद्धि कॉलोनी की माल रोड पर डीप प्रोडक्शन कंपनी के अगम खन्ना और पिरामिड क्लब के संचालकों द्वारा 1 जून की रात को कार,जीपों तथा मोटरसाइकिलों से आम सड़क को अवरुद्ध कर स्टंटबाजी की गई थी, इसमें मोडिफाइड कारों, जीपों और मोटरसाइकिलों का खतरनाक तरीके से इस्तेमाल किया गया था। इस मामले में सदर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद आयोजक सक्रिय हुए। चर्चा है कि आयोजकों ने बैक डेट में अनुमति लिए जाने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।
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