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साधकों ने किया कर्म योग अध्याय का वाचन


श्रीगंगानगर में हनुमानगढ़ रोड स्थित श्रीरामशरणम मंदिर में श्रीराम शरणम् के संस्थापक स्वामी सत्यानंद महाराज को प्रभु श्रीराम के साक्षात्कार के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन बुधवार सुबह साधकों ने कर्म योग अध्याय का वाचन किया। इससे पहले रोजाना सत्संग में अमृतवाणी पाठ किया गया। 
मन्दिर के मुख्य सेवादार मोहनलाल कथूरिया ने बताया कि कोई भी व्यक्ति कर्म किए बिना नहीं रह सकता, लेकिन कर्मों के फल की आसक्ति से मुक्त होकर कर्म करना ही कर्म योग है। 

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