जहां काले गेहूं को कोई जानता नहीं था, वहां किसान ने जगाई अलख
अलवर जिले का खेड़ली क्षेत्र सरसों मंडी के कारण प्रसिद्ध है लेकिन अब यहां काले गेहूं का उत्पादन भी होने लगा है। प्रधानाध्यापक पद से रिटायर होने के बाद सौंखरी गांव निवासी किसान शिवप्रसाद तिवाड़ी काले गेहूं की खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने में जुटे हैं। तिवाड़ी ने बताया कि पत्नी डायबिटीज से पीडि़त थी। रोजाना दवाएं लेने पर भी ठीक नहीं हो रही थी। शुगर लेवल ज्यादा आ रहा था। इस बीच किसी ने बताया कि काला गेहूं डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट और हड्डी संबंधी रोगों में बहुत फायदेमंद रहता है। इसलिए पंजाब से बीज मंगवाकर इस गेहूं की बिजाई की।

No comments