कभी दूसरे प्रदेशों से रबी फसलों की कटाई करने मजदूर आते थे, अब आ रहीं कंबाइनें
श्रीगंगानगर में रबी फसलों की कटाई का सीजन शुरू हो चुका है। इन दिनों गर्मी के बाद भी खेतों में रौनक है। चारों ओर कहीं कंबाइन तो कहीं तूड़ी बनाने वाली मशीनों की गूंज सुनाई देने लगी है। समय के साथ-साथ खेती करने के भी तौर -तरीके बदल गए हैं। इन दिनों खेतों की छोटी सड़कों से लेकर हाईवे तक कंबाइन मशीनें दौड़ती हुई नजर आती हैं।
आज से करीब दो दशक पहले किसान गेहूं की फसल को मजदूरों से हाथ से कटवाते थे, अब हाथ से कटाई करते हुए मजदूर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। पहले कभी दूसरे प्रदेशों से मजदूर यहां रबी फसलों की कटाई करने आते थे, मगर अब मजदूरों की जगह कंबाइन मशीनें आने लगी हैं।
इस संबंध में जब किसानों से बात की तो उनका कहना है कि गेहूं की हाथ से कटाई करने से तूड़ी अच्छी और ज्यादा बनती है।
वहीं मजदूरों का कहना है कि खेती में कृषि यंत्रों का उपयोग होने से वे बेरोजगार हो गए हैं।
आज से करीब दो दशक पहले किसान गेहूं की फसल को मजदूरों से हाथ से कटवाते थे, अब हाथ से कटाई करते हुए मजदूर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। पहले कभी दूसरे प्रदेशों से मजदूर यहां रबी फसलों की कटाई करने आते थे, मगर अब मजदूरों की जगह कंबाइन मशीनें आने लगी हैं।
इस संबंध में जब किसानों से बात की तो उनका कहना है कि गेहूं की हाथ से कटाई करने से तूड़ी अच्छी और ज्यादा बनती है।
वहीं मजदूरों का कहना है कि खेती में कृषि यंत्रों का उपयोग होने से वे बेरोजगार हो गए हैं।

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