पेयजल का उपयोग निर्माण कार्यों में!
श्रीगंगानगर में नहरबंदी शुरू हो चुकी है। इसी के साथ ही खेतों में सिंचाई पानी मिलना बंद हो गया है। शहरी क्षेत्र में स्टॉक किये गये पानी का सिर्फ पेयजल के रूप में उपयोग हो रहा है ? लेकिन यह सच्चाई नहीं है। वाटर वक्र्स की डिग्गियों में बेशकीमती पानी का भण्डारण किया गया है। सप्लाई किये गये पेयजल का उपयोग नहीं दुरूपयोग हो रहा है। शहर के सैंकड़ों लोग पेयजल का दुरूपयोग निर्माण कार्यों, वाहनों को धोने के लिए कर रहे हैं। जलदाय विभगाग ने कागजों मेंं तो पेयजल सप्लाई का समय निर्धारित कर दिया है। लेकिन हकीकत में सप्लाई का कोई समय नहीं है। उदाहरण के तौर पर किसी एरिया में निर्धारित समय सुबह 5 बजे से 7 बजे का है तो आधी रात को सप्लाई शुरू दी जाती है। शहर के लगभग सभी इलाकों में सप्लाई का यही हाल है। लोग बार-बार शिकायत कर रहे हैं।

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