श्रीगंगानगर से बहुत पुराना नाता है महेन्द्र गोयल और उनके परिवार का
-हाईकोर्ट जज बनाने की सिफारिश से खुशी की लहर
श्रीगंगानगर। राजस्थान हाईकोर्ट में जज बनाने के लिए एडवोकेट महेन्द्र गोयल के नाम की सिफारिश की गई है, इससे श्रीगंगानगर में खुशी की लहर दौड़ गई है। गोयल का श्रीगंगानगर से बहुत पुराना नाता रहा है। इस कारण वह्य श्रीगंगानगर से और श्रीगंगानगर के लोग उनसे बहुत स्नेह रखते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 20 वकीलों के नामों की सूची केंद्र सरकार को भेजी है। इन सभी को हाईकोर्ट में जज बनाने की सिफारिश की गई है। सरकार से मंजूरी मिलने पर इन सभी को पंजाब व हरियाणा, राजस्थान, कलकत्ता, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हाईकोर्ट में नियुक्त किया जाएगा। इन्हीं बीस वकीलों मेंं महेन्द्र गोयल का नाम शामिल है।
महेन्द्र गोयल राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अनूपचंद गोयल के सुपुत्र हैं। वैसे तो उनका परिवार राजगढ़ (चूरू) का है लेकिन श्रीगंगानगर से उनका नाता इस तरह जुड़ चुका है कि वे गंगानगर को अपने गांव जैसा ही समझते हैं।
महेन्द्र गोयल के राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारी पिता अनूपचंद गोयल जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट थे तो उनकी पोस्टिंग इस पद पर श्रीगंगानगर में हुई। इस दौरान महेन्द्र गोयल स्कूल में पढ़ते थे। उन्होंने सातवीं एवं आठवीं कक्षा श्रीगंगानगर के भोपालवाला आर्य स्कूल से पास की थी। इसके बाद उनकी पढ़ाई उन तमाम शहरों में हुई, जहां उनके पिता की पोस्टिंग होती रही।
महेन्द्र गोयल का श्रीगंगानगर से आत्मीय संबंध कायम हो चुका है। शहर के कई परिवारों से उनकी रिश्तेदारियां हैं। उनके अनेक मित्र यहां हैं। मित्रों-रिश्तेदारों से मिलने और पारिवारिक कार्यक्रमों में महेन्द्र गोयल का श्रीगंगानगर में आगमन होता रहता है।
आज महेन्द्र गोयल का नाम एक वरिष्ठ और मेहनती अधिवक्ता के रूप में सम्मान से लिया जाता है।
उनके पिता हाईकोर्ट जज जैसे गौरवमयी पद से रिटायर हुए हैं। रिटायरमेंट के बाद वे राज्य में कई आयोगों के अध्यक्ष का पदभार संभाल चुके हैं। महेन्द्र गोयल की धर्मपत्नी शुभा गोयल भरतपुर में जिला न्यायाधीश के पद पर सेवारत हैं। तमाम शौहरत और ऊंचा मुकाम पाने के बावजूद महेन्द्र गोयल आज भी धरातल से जुड़े हुए हैं। बेहद सरल स्वभाव के महेन्द्र गोयल की साफगोई का हर कोई कायल है।
श्रीगंगानगर। राजस्थान हाईकोर्ट में जज बनाने के लिए एडवोकेट महेन्द्र गोयल के नाम की सिफारिश की गई है, इससे श्रीगंगानगर में खुशी की लहर दौड़ गई है। गोयल का श्रीगंगानगर से बहुत पुराना नाता रहा है। इस कारण वह्य श्रीगंगानगर से और श्रीगंगानगर के लोग उनसे बहुत स्नेह रखते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 20 वकीलों के नामों की सूची केंद्र सरकार को भेजी है। इन सभी को हाईकोर्ट में जज बनाने की सिफारिश की गई है। सरकार से मंजूरी मिलने पर इन सभी को पंजाब व हरियाणा, राजस्थान, कलकत्ता, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हाईकोर्ट में नियुक्त किया जाएगा। इन्हीं बीस वकीलों मेंं महेन्द्र गोयल का नाम शामिल है।
महेन्द्र गोयल राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अनूपचंद गोयल के सुपुत्र हैं। वैसे तो उनका परिवार राजगढ़ (चूरू) का है लेकिन श्रीगंगानगर से उनका नाता इस तरह जुड़ चुका है कि वे गंगानगर को अपने गांव जैसा ही समझते हैं।
महेन्द्र गोयल के राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारी पिता अनूपचंद गोयल जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट थे तो उनकी पोस्टिंग इस पद पर श्रीगंगानगर में हुई। इस दौरान महेन्द्र गोयल स्कूल में पढ़ते थे। उन्होंने सातवीं एवं आठवीं कक्षा श्रीगंगानगर के भोपालवाला आर्य स्कूल से पास की थी। इसके बाद उनकी पढ़ाई उन तमाम शहरों में हुई, जहां उनके पिता की पोस्टिंग होती रही।
महेन्द्र गोयल का श्रीगंगानगर से आत्मीय संबंध कायम हो चुका है। शहर के कई परिवारों से उनकी रिश्तेदारियां हैं। उनके अनेक मित्र यहां हैं। मित्रों-रिश्तेदारों से मिलने और पारिवारिक कार्यक्रमों में महेन्द्र गोयल का श्रीगंगानगर में आगमन होता रहता है।
आज महेन्द्र गोयल का नाम एक वरिष्ठ और मेहनती अधिवक्ता के रूप में सम्मान से लिया जाता है।
उनके पिता हाईकोर्ट जज जैसे गौरवमयी पद से रिटायर हुए हैं। रिटायरमेंट के बाद वे राज्य में कई आयोगों के अध्यक्ष का पदभार संभाल चुके हैं। महेन्द्र गोयल की धर्मपत्नी शुभा गोयल भरतपुर में जिला न्यायाधीश के पद पर सेवारत हैं। तमाम शौहरत और ऊंचा मुकाम पाने के बावजूद महेन्द्र गोयल आज भी धरातल से जुड़े हुए हैं। बेहद सरल स्वभाव के महेन्द्र गोयल की साफगोई का हर कोई कायल है।

No comments