सावधान! कहीं हादसा न हो जाये
- जोधपुर डिस्कॉम ने ट्रांसफार्मर के आसपास बैठे रहने वालों को किया सचेत
श्रीगंगानगर। शहर में कई जगह विद्युत ट्रांसफार्मर के नीचे व आसपास रेहड़ी-खौमचा लगाकर दुकानें चलाई जा रही हैं। अत्यधिक तापमान में विद्युत तंत्र में स्थापित ट्रांसफॉर्मर के नीचे व आसपास रेहड़ी, खौमचे आदि लगाकर जीवन यापन करने वाले ऐसे लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर के लगातार चालू रहने और उन पर लगातार अत्यधिक लोड पडऩे के कारण वे ठंडा नहीं हो पाते। साथ ही लगातार उन ट्रांसफॉर्मर्स के अंदर उत्पन्न होने वाली गर्मी को कम करने के लिए उनके अंदर भरा हुआ तेल, बाहरी वातावरण के अत्यधिक तापमान के कारण ठंडा नहीं हो पाता और लगातार तापमान बढने के कारण यह तेल ट्रांसफॉर्मर के टैंक में उबलने लगता है जिसके कारण ट्रांसफॉर्मर के टैंक में गैस बनने लगती है। इस कारण कभी भी हादसा हो सकता है।
जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता केके कस्वां ने बताया कि ट्रांसफार्मर की गैस को निकलने के लिए ट्रांसफॉर्मर में प्रेसर वाल्व (जैसा कि प्रेशर कुकर में होता है) लगा होता है। ट्रांसफॉर्मर टैंक में गैस के अत्यधिक प्रेशर के कारण, ट्रांसफॉर्मर को फटने से बचाने हेतु उक्त प्रेशर वाल्व से गैस और उबलता हुआ तेल बाहर आ सकता है जो कि इस ट्रांसफॉर्मर के नजदीक खड़े किसी व्यक्ति या अन्य वस्तुओं (वाहन इत्यादि) को नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विद्युत तंत्र में स्थापित इन ट्रांसफॉर्मर्स से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और भूल कर भी ट्रांसफॉर्मर्स के नीचे या पास में खड़े ना हों और ना ही अपना वाहन इन ट्रांसफॉर्मर्स के नजदीक या नीचे खड़ा करें। ध्यान रहे कि पूर्व में ट्रांसफार्मर के फटने से कईं हादसे हो चुके हैं। इनमें से एक दुर्घटना में तो युवक की जान भी चली गई थी, जबकि दूसरी में ट्रांसफार्मर के पास पान का खोखा जल गया था।
श्रीगंगानगर। शहर में कई जगह विद्युत ट्रांसफार्मर के नीचे व आसपास रेहड़ी-खौमचा लगाकर दुकानें चलाई जा रही हैं। अत्यधिक तापमान में विद्युत तंत्र में स्थापित ट्रांसफॉर्मर के नीचे व आसपास रेहड़ी, खौमचे आदि लगाकर जीवन यापन करने वाले ऐसे लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर के लगातार चालू रहने और उन पर लगातार अत्यधिक लोड पडऩे के कारण वे ठंडा नहीं हो पाते। साथ ही लगातार उन ट्रांसफॉर्मर्स के अंदर उत्पन्न होने वाली गर्मी को कम करने के लिए उनके अंदर भरा हुआ तेल, बाहरी वातावरण के अत्यधिक तापमान के कारण ठंडा नहीं हो पाता और लगातार तापमान बढने के कारण यह तेल ट्रांसफॉर्मर के टैंक में उबलने लगता है जिसके कारण ट्रांसफॉर्मर के टैंक में गैस बनने लगती है। इस कारण कभी भी हादसा हो सकता है।
जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता केके कस्वां ने बताया कि ट्रांसफार्मर की गैस को निकलने के लिए ट्रांसफॉर्मर में प्रेसर वाल्व (जैसा कि प्रेशर कुकर में होता है) लगा होता है। ट्रांसफॉर्मर टैंक में गैस के अत्यधिक प्रेशर के कारण, ट्रांसफॉर्मर को फटने से बचाने हेतु उक्त प्रेशर वाल्व से गैस और उबलता हुआ तेल बाहर आ सकता है जो कि इस ट्रांसफॉर्मर के नजदीक खड़े किसी व्यक्ति या अन्य वस्तुओं (वाहन इत्यादि) को नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विद्युत तंत्र में स्थापित इन ट्रांसफॉर्मर्स से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और भूल कर भी ट्रांसफॉर्मर्स के नीचे या पास में खड़े ना हों और ना ही अपना वाहन इन ट्रांसफॉर्मर्स के नजदीक या नीचे खड़ा करें। ध्यान रहे कि पूर्व में ट्रांसफार्मर के फटने से कईं हादसे हो चुके हैं। इनमें से एक दुर्घटना में तो युवक की जान भी चली गई थी, जबकि दूसरी में ट्रांसफार्मर के पास पान का खोखा जल गया था।

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