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सफेदा जाने को तैयार, दशहरी का स्वागत

- पूरे सीजन नहीं मिली आम की वह मिठास
श्रीगंगानगर। फलों का राजा आम इस बार पिछले सीजन के मुकाबले वैसी मिठास नहीं दे पाया है, जैसी हमेशा मिलती है। आम की सफेदा किस्म मिठास के लिए ही पसंद की जाती है। सफेदे का सीजन अन्तिम चरण में है और मण्डी में दशहरी आम का आगमन हो चुका है। इसके बावजूद लोग अभी भी सफेदे की पुरानी मिठास को तलाश रहे हैं।
फलों की जानकारी रखने वालों का मानना है कि इस बार गर्मी देरी से पड़ रही है। इसी कारण पूरे सीजन में सफेदा आम की मिठास पूरी नहीं मिल पाई। अब तक सफेदा आम की 60 प्रतिशत पैदावार की खपत हो चुकी है। अब इसका सीजन समाप्त होने वाला है।
थोक फल विक्रेता पुरुषोत्तम के अनुसार पहले के मुकाबले मण्डी में अब सफेदा आम की आवक 30 से 40 प्रतिशत ही हो रही है। आगामी 10 दिनों मण्डी से सफेदा आम पूरी तरह विदा हो जायेगा। अभी सफेदा आम की होलसेल में कीमत 50 से 70 रुपये के बीच चल रही है। इसी के साथ दशहरी आम की आवक बढऩे लगी है। अभी यह शुरुआती है। आने वाले दिनों मेें इसकी आवक साठ से सत्तर प्रतिशत तक बढ़ जायेगी। आम का सीजन पूरा होने तक फलों पर दशहरी आम हावी रहेगा। दशहरी आम मण्डी में 50 रुपये से ऊपर मिल रहा है। दशहरी आम का सीजन जब ऊंचाई पर होगा, तब इसकी आवक 300 क्विंटल तक बढ़ जायेगी। अभी यह 30 से 40 क्विंटल ही आ रहा है।
थोक फल विक्रेता महेन्द्र कुमार के अनुसार मण्डी में दशहरी आम की आवक शुरू हो गई है। इसी के साथ सफेदा आम की मांग और उपलब्धता भी कम होने लगी है। सीजन के शुरुआत में करीब 25 टन सफेदा आम की आवक थी। बीच में यह 55 से 60 टन तक पहुंची। ऑफ सीजन में अब इसकी आवक 30 टन तक रह गई है। आने वाले दिनों में दशहरी आम ही पहली पसंद रहेगा।


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