लोकसभा चुनाव में सूपड़ा साफ होने का विश्लेषण करने में जुटी कांग्रेस
- जिलाध्यक्षों से पूछा-बताओ, किसने भितरघात किया, कौनसी जाति रूठी?
श्रीगंगानगर। लगातार दूसरे लोकसभा चुनाव में राजस्थान में सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस आलाकमान हार के कारण जानने में जुट गया है। कांग्रेस आलाकमान ने लोकसभा चुनावों के नतीजों का बूथवार विश्लेषण करने के लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी है। पार्टी को बूथ वार कितने वोट मिले, किसने भितरघात किया, कौनसी जाति के लोग किस कारण से रूठे, यह सब ब्यौरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा। लोकसभा चुनावों की हार के कारणों के विश्लेषण के बाद कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव होंगे। जिलों में नेताओं की जिम्मेदारी तय होगी और जिन नेताओं को लोकसभा चुनावों में जिम्मेदरी दी गई थी उन्हें फील्ड के हालात ठीक करने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
विधानसभा चुनाव में सफलता मिलने के बाद लोकसभा चुनाव में इस तरह जनता द्वारा पार्टी से रुख मोडऩे से कांग्रेस बुरी तरह परेशान है। पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा हुआ है, लेकिन पार्टी अब इस हार से उबरने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में जल्दी ही दो विधानसभा उपचुनाव होंगे और साथ ही नवंबर में निकाय चुनाव भी होंगे। पार्टी हार का विश्लेषण करने के बाद इन चुनावों की तैयारी में जुटना चाहती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार बूथ वार रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस हार के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। हार के कारणों के विश्लेषण के बाद ही पार्टी का जनता से संपर्क अभियान शुरू होगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की हार का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा, बूथ लेवल तक का डाटा इक_ा किया जा रहा है। पार्टी इस हार की अंदरखाने तक तहकीकात करेगी, इसे लिए जल्द नया रोडमैप तैयार किया जाएगा।
पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र से बूथ वाइज आंकड़े मंगवा कर उनका विश्लेषण करेगी। साथ ही हर बूथ का जातिगत गणित भी देखा जाएगा। सभी बूथ के आंकड़े का विश्लेषण करने के बाद ही पार्टी किसी परिणाम पर पहुंचेगी कि आखिर इस करारी हार का कारण क्या रहा, कहां पर किस जाति ने पार्टी से मुख मोड़ लिया?
इनका कहना है
चुनाव मेंं हुई हार का विश्लेषण होना तो स्वाभाविक ही है। पार्टी के वरिष्ठ लोग मिल-बैठकर इस बारे में विचार विमर्श करेंगे। जहां तक जिलों से रिपोर्ट मांगने संबंधी बात है, हमें अभी तक आलाकमान से निर्देश नहीं मिले हैं। जो जानकारी चाही जाएगी, वह हम प्रेषित कर देंगे।
-संतोष सहारण, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
श्रीगंगानगर। लगातार दूसरे लोकसभा चुनाव में राजस्थान में सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस आलाकमान हार के कारण जानने में जुट गया है। कांग्रेस आलाकमान ने लोकसभा चुनावों के नतीजों का बूथवार विश्लेषण करने के लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी है। पार्टी को बूथ वार कितने वोट मिले, किसने भितरघात किया, कौनसी जाति के लोग किस कारण से रूठे, यह सब ब्यौरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा। लोकसभा चुनावों की हार के कारणों के विश्लेषण के बाद कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव होंगे। जिलों में नेताओं की जिम्मेदारी तय होगी और जिन नेताओं को लोकसभा चुनावों में जिम्मेदरी दी गई थी उन्हें फील्ड के हालात ठीक करने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
विधानसभा चुनाव में सफलता मिलने के बाद लोकसभा चुनाव में इस तरह जनता द्वारा पार्टी से रुख मोडऩे से कांग्रेस बुरी तरह परेशान है। पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा हुआ है, लेकिन पार्टी अब इस हार से उबरने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में जल्दी ही दो विधानसभा उपचुनाव होंगे और साथ ही नवंबर में निकाय चुनाव भी होंगे। पार्टी हार का विश्लेषण करने के बाद इन चुनावों की तैयारी में जुटना चाहती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार बूथ वार रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस हार के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। हार के कारणों के विश्लेषण के बाद ही पार्टी का जनता से संपर्क अभियान शुरू होगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की हार का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा, बूथ लेवल तक का डाटा इक_ा किया जा रहा है। पार्टी इस हार की अंदरखाने तक तहकीकात करेगी, इसे लिए जल्द नया रोडमैप तैयार किया जाएगा।
पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र से बूथ वाइज आंकड़े मंगवा कर उनका विश्लेषण करेगी। साथ ही हर बूथ का जातिगत गणित भी देखा जाएगा। सभी बूथ के आंकड़े का विश्लेषण करने के बाद ही पार्टी किसी परिणाम पर पहुंचेगी कि आखिर इस करारी हार का कारण क्या रहा, कहां पर किस जाति ने पार्टी से मुख मोड़ लिया?
इनका कहना है
चुनाव मेंं हुई हार का विश्लेषण होना तो स्वाभाविक ही है। पार्टी के वरिष्ठ लोग मिल-बैठकर इस बारे में विचार विमर्श करेंगे। जहां तक जिलों से रिपोर्ट मांगने संबंधी बात है, हमें अभी तक आलाकमान से निर्देश नहीं मिले हैं। जो जानकारी चाही जाएगी, वह हम प्रेषित कर देंगे।
-संतोष सहारण, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।

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