अब श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हवा की हेल्थ पर रहेगी नजर
- दोनों जगह खुलेंगे सतत वायु गुणवत्ता जांच केन्द्र
श्रीगंगानगर। अब श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हवा की हेल्थ पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगाह रहेगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में सतत वायु नियंत्रण जांच केन्द्र स्थापित करने का निर्णय किया है। इसके तहत दोनों स्थानों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के समाधान के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम डवलप हो सकेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में वायु नियंत्रण जांच केन्द्र खुलने के बाद नियमित रूप से हवा में कितना प्रदूषण हो रहा है, इसकी रिपोर्ट राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिलने लगेगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदूषण रोकने केे लिए कार्य योजना बनाएगा।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में 45 नए वायु गुणवत्ता जांच केन्द्र स्थापित करने का निर्णय किया है, जिनमें एक-एक केन्द्र श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में खोला जाएगा। वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों की स्थापना में कुछ महीनों का समय लग जाएगा। वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों में विदेशी उपकरण लगाए जाएंगे।
वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों के जरिए हवा में पार्टीकुलेट मैटर (पीएम 10), सल्फर डाइऑक्साइड (एओ2), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2), कार्बन मोनोऑक्साइट (सीओ), वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (वीओसी), ओजोन (ओ 3), अमोनिया एनएच तीन की जांच की जाएगी।
श्रीगंगानगर। अब श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हवा की हेल्थ पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगाह रहेगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में सतत वायु नियंत्रण जांच केन्द्र स्थापित करने का निर्णय किया है। इसके तहत दोनों स्थानों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के समाधान के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम डवलप हो सकेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में वायु नियंत्रण जांच केन्द्र खुलने के बाद नियमित रूप से हवा में कितना प्रदूषण हो रहा है, इसकी रिपोर्ट राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिलने लगेगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदूषण रोकने केे लिए कार्य योजना बनाएगा।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में 45 नए वायु गुणवत्ता जांच केन्द्र स्थापित करने का निर्णय किया है, जिनमें एक-एक केन्द्र श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में खोला जाएगा। वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों की स्थापना में कुछ महीनों का समय लग जाएगा। वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों में विदेशी उपकरण लगाए जाएंगे।
वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों के जरिए हवा में पार्टीकुलेट मैटर (पीएम 10), सल्फर डाइऑक्साइड (एओ2), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2), कार्बन मोनोऑक्साइट (सीओ), वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (वीओसी), ओजोन (ओ 3), अमोनिया एनएच तीन की जांच की जाएगी।

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