श्रीगंगानगर में बढ़ सकती है वार्डों की संख्या
- नगर परिषद चुनाव से पहले होगा परिसीमन
श्रीगंगानगर। नवम्बर-दिसम्बर में होने वाले नगर परिषद चुनाव से पहले वार्डों की संख्या बढ़ सकती है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से आगामी दिनों में शहरी क्षेत्र व वार्डों का परिसीमन करवाने की प्रबल सम्भावना है। जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से प्रत्येक 10 साल के अंतराल पर वार्डों का परिसीमन करवाया जाता है। दस साल पहले परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 45 से 50 हो गई थी। इस बार भी परिसीमन हुआ तो वार्डों की संख्या बढ़ जाएगी।
ग्यारह साल पहले नगर परिषद क्षेत्र में 45 वार्ड हुआ करते थे। दस साल पहले निकाय चुनाव से पूर्व सरकार की ओर से वार्डों का परिसीमांकन करवाया गया। परिसीमन के बाद पांच नए वार्ड बना दिए गए। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 50 वार्ड हैं। नए वार्डों के गठन को 10 साल हो चुके हैं। अब नियमानुसार आगामी दिनों में सरकार निकाय चुनाव से पहले परिसीमन करवाती है तो वार्डों की संख्या बढ़ सकती है। सरकार चाहेगी तो पूर्व में निर्धारित वार्डों के दायरे को बढ़ाकर भी कुछ क्षेत्रों को शहरी इलाके में शामिल किया जा सकता है। चुनाव से पहले वार्डों के परिसीमांकन को लेकर नगर परिषद प्रशासन के पास अभी कोई सूचना नहीं है। आयुक्त मिलखराज चुघ ने बताया कि लोकसभा चुनाव अब सम्पन्न हुए हैं। आगामी दिनों में सरकार इस बारे में दिशानिर्देश जारी कर सकती है।
नाथांवाला व बाइपास तक बढ़ जाएगा शहरी क्षेत्र
वार्डों का परिसीमांकन हुआ तो शहरी क्षेत्र का काफी विस्तार हो जाएगा। परिसीमांकन के बाद नाथांवाला व सूरतगढ़-पदमपुर रोड बाइपास तक का एरिया नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कर लिया जाएगा। पूर्व सभापति जगदीश राय जांदू के अनुसार उनके कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार को ग्राम पंचायत 3 ई छोटी व 5 ई छोटी को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव भिजवाया गया था। उस समय तो इन पंचायतों को शहरी क्षेत्र में शामिल नहीं किया जा सका। अब परिसीमन के दौरान इन इलाकों को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कर वार्डों का निर्धारण किए जाने की सम्भावना है। यदि ऐसा होता है तो पांच से सात वार्ड नए बनेंगे।
श्रीगंगानगर। नवम्बर-दिसम्बर में होने वाले नगर परिषद चुनाव से पहले वार्डों की संख्या बढ़ सकती है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से आगामी दिनों में शहरी क्षेत्र व वार्डों का परिसीमन करवाने की प्रबल सम्भावना है। जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से प्रत्येक 10 साल के अंतराल पर वार्डों का परिसीमन करवाया जाता है। दस साल पहले परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 45 से 50 हो गई थी। इस बार भी परिसीमन हुआ तो वार्डों की संख्या बढ़ जाएगी।
ग्यारह साल पहले नगर परिषद क्षेत्र में 45 वार्ड हुआ करते थे। दस साल पहले निकाय चुनाव से पूर्व सरकार की ओर से वार्डों का परिसीमांकन करवाया गया। परिसीमन के बाद पांच नए वार्ड बना दिए गए। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 50 वार्ड हैं। नए वार्डों के गठन को 10 साल हो चुके हैं। अब नियमानुसार आगामी दिनों में सरकार निकाय चुनाव से पहले परिसीमन करवाती है तो वार्डों की संख्या बढ़ सकती है। सरकार चाहेगी तो पूर्व में निर्धारित वार्डों के दायरे को बढ़ाकर भी कुछ क्षेत्रों को शहरी इलाके में शामिल किया जा सकता है। चुनाव से पहले वार्डों के परिसीमांकन को लेकर नगर परिषद प्रशासन के पास अभी कोई सूचना नहीं है। आयुक्त मिलखराज चुघ ने बताया कि लोकसभा चुनाव अब सम्पन्न हुए हैं। आगामी दिनों में सरकार इस बारे में दिशानिर्देश जारी कर सकती है।
नाथांवाला व बाइपास तक बढ़ जाएगा शहरी क्षेत्र
वार्डों का परिसीमांकन हुआ तो शहरी क्षेत्र का काफी विस्तार हो जाएगा। परिसीमांकन के बाद नाथांवाला व सूरतगढ़-पदमपुर रोड बाइपास तक का एरिया नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कर लिया जाएगा। पूर्व सभापति जगदीश राय जांदू के अनुसार उनके कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार को ग्राम पंचायत 3 ई छोटी व 5 ई छोटी को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव भिजवाया गया था। उस समय तो इन पंचायतों को शहरी क्षेत्र में शामिल नहीं किया जा सका। अब परिसीमन के दौरान इन इलाकों को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कर वार्डों का निर्धारण किए जाने की सम्भावना है। यदि ऐसा होता है तो पांच से सात वार्ड नए बनेंगे।
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