पे्रमी जोड़े ने फांसी लगा कर की आत्महत्या
- लड़की के परिजन मारने पर तुले थे
- दोस्त ने बचाने के लिए कमरे में कर दिया था बंद
श्रीगंगानगर। जिले के दूरस्थ रावला कस्बे में आज सुबह पे्रमी जोड़े ने फांसी लगा कर जान दे दी। लड़की के परिजनों ने दोनों को मारने की धमकी दी, तो दोनों ने जान ही दे डाली। पुलिस ने शवों को सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। वहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है। परिजनों से बचाने के लिए दोस्त ने अपनी ढाणी के एक कमरे में दोनों को बंद कर दिया था, लेकिन दोनों ने भीतर जान दे दी।
रावला थाना प्रभारी अमरजीत चावला ने बताया कि मृतक गांव 4 पीएसडी निवासी 30 वर्षीय जसपाल बावरी व गांव रोजड़ी निवासी मुखत्यारो कौर थी। दोनों बुधवार को रोजड़ी से भाग गये थे। इसके बाद परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। जसपाल बावरी बीती रात अपने गांव के निकट रहने वाले रामूराम बावरी की ढाणी में आ गया था। जसपाल ने दोस्त को पूरे मामले के बारे में बता दिया था। इस पर रामूराम ने परिजनों को सूचना कर दी कि जसपाल व मुखत्यारों उनके पास हैं। इस पर दोनों के परिजन रामूराम की ढाणी में पहुंच गये। यहां लड़की के परिजनों ने दोनों को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। परिजनों ने धमकी दी कि दोनों को साथ अपने गांव लेकर जायेंगे और मार देंगे।
थानाधिकारी चावला ने बताया कि लड़की के परिजन मारने के लिए दोनों के पीछे दौड़े, तो दोस्त रामूराम ने दोनों को कमरे में बंद करके बाहर ताला लगा दिया और कहाकि पंचायत इकठ्ठी कर लो, फिर दोनों को ले जाना, लेकिन लड़की के परिजन बात सुनने को तैयार नहीं थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि लड़की के परिजनों द्वारा बार-बार जान से मारने की धमकी देने पर जसपाल व मुखत्यारो डर गये। दोनों ने बंद कमरे में ही फांसी लगा ली। इस बारे में पुलिस को सूचना मिली, तो वह मौके पर पहुंचे। कमरा खुलवाया, तो दोनों के शव फंदे से झूल रहे थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शव नीचे उतारे और सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। वहां पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों को आत्महत्या के लिए दुष्पे्ररित करने के आरोप में लड़की के परिजनों पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की के पिता, मामा, मामा का बेटा सहित पांच जने लाठियां लेकर रामूराम की ढाणी में आये थे। यह दोनों को मारने पर तुले थे। जसपाल बावरी विवाहित था, लेकिन मुखत्यारो विवाहित नहीं थी। दोनों में काफी समय से इश्क था। जसपाल बावरी के बच्चे भी हैं। उसकी पत्नी के साथ अनबन है। ऐसे में उसकी पत्नी पीहर में रह रही है। आत्महत्या के दुष्पे्ररित करने वाले परिजनों को राउण्डअप करने का प्रयास किया जा रहा है।
- दोस्त ने बचाने के लिए कमरे में कर दिया था बंद
श्रीगंगानगर। जिले के दूरस्थ रावला कस्बे में आज सुबह पे्रमी जोड़े ने फांसी लगा कर जान दे दी। लड़की के परिजनों ने दोनों को मारने की धमकी दी, तो दोनों ने जान ही दे डाली। पुलिस ने शवों को सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। वहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है। परिजनों से बचाने के लिए दोस्त ने अपनी ढाणी के एक कमरे में दोनों को बंद कर दिया था, लेकिन दोनों ने भीतर जान दे दी।
रावला थाना प्रभारी अमरजीत चावला ने बताया कि मृतक गांव 4 पीएसडी निवासी 30 वर्षीय जसपाल बावरी व गांव रोजड़ी निवासी मुखत्यारो कौर थी। दोनों बुधवार को रोजड़ी से भाग गये थे। इसके बाद परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। जसपाल बावरी बीती रात अपने गांव के निकट रहने वाले रामूराम बावरी की ढाणी में आ गया था। जसपाल ने दोस्त को पूरे मामले के बारे में बता दिया था। इस पर रामूराम ने परिजनों को सूचना कर दी कि जसपाल व मुखत्यारों उनके पास हैं। इस पर दोनों के परिजन रामूराम की ढाणी में पहुंच गये। यहां लड़की के परिजनों ने दोनों को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। परिजनों ने धमकी दी कि दोनों को साथ अपने गांव लेकर जायेंगे और मार देंगे।
थानाधिकारी चावला ने बताया कि लड़की के परिजन मारने के लिए दोनों के पीछे दौड़े, तो दोस्त रामूराम ने दोनों को कमरे में बंद करके बाहर ताला लगा दिया और कहाकि पंचायत इकठ्ठी कर लो, फिर दोनों को ले जाना, लेकिन लड़की के परिजन बात सुनने को तैयार नहीं थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि लड़की के परिजनों द्वारा बार-बार जान से मारने की धमकी देने पर जसपाल व मुखत्यारो डर गये। दोनों ने बंद कमरे में ही फांसी लगा ली। इस बारे में पुलिस को सूचना मिली, तो वह मौके पर पहुंचे। कमरा खुलवाया, तो दोनों के शव फंदे से झूल रहे थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शव नीचे उतारे और सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। वहां पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों को आत्महत्या के लिए दुष्पे्ररित करने के आरोप में लड़की के परिजनों पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की के पिता, मामा, मामा का बेटा सहित पांच जने लाठियां लेकर रामूराम की ढाणी में आये थे। यह दोनों को मारने पर तुले थे। जसपाल बावरी विवाहित था, लेकिन मुखत्यारो विवाहित नहीं थी। दोनों में काफी समय से इश्क था। जसपाल बावरी के बच्चे भी हैं। उसकी पत्नी के साथ अनबन है। ऐसे में उसकी पत्नी पीहर में रह रही है। आत्महत्या के दुष्पे्ररित करने वाले परिजनों को राउण्डअप करने का प्रयास किया जा रहा है।

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