राजीनामा के लिए दबाव डाल रहे हैं जांच अधिकारी
- छात्रा से दुष्कर्म का मामला, एसपी से जांच बदलने की मांग
श्रीगंगानगर। सादुलशहर इलाके में एक छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोपों को लेकर दर्ज मुकदमे की जांच कर रहे अधिकारी पीडि़ता को न्याय दिलाने की बजाये, उसी पर राजीनामा करने का दबाव डाल रहे हैं। पीडि़ता ने पिछले दिनों पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर जांच अधिकारी बदलने की मांग की है।
पीडि़ता ने एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि उसने 11 अपे्रल को सादुलशहर पुलिस थाना में मुकदमा नम्बर 126/19 दर्ज करवाया था। इसमें पे्रम कुमार पुत्र दुलीचंद कुम्हार निवासी वार्ड नम्बर 16 सादुलशहर पर आरोप लगाया था कि वह 8 अपे्रल को घर में अकेली थी। इसी दौरान पे्रम कुम्हार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। प्रकरण की जांच महिला सैल के सीओ रणवीर मीणा को सौंपी गई। एक माह से अधिक समय गुजरने के बावजूद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि उसी पर राजीनामा करने का दबाव डाला जा रहा है। जांच अधिकारी ने उसे कहा कि राजीनामा कर लो, वरना वह एफआर लगा देंगे।
पीडि़ता ने एसपी को बताया कि उसे जांच अधिकारी पर भरोसा नहीं है। आरोपी ने जांच अधिकारी के साथ मिलीभगत कर रखी है। ऐसे में उसके मुकदमे की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपी जाये और उसे न्याय प्रदान किया जाये।
श्रीगंगानगर। सादुलशहर इलाके में एक छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोपों को लेकर दर्ज मुकदमे की जांच कर रहे अधिकारी पीडि़ता को न्याय दिलाने की बजाये, उसी पर राजीनामा करने का दबाव डाल रहे हैं। पीडि़ता ने पिछले दिनों पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर जांच अधिकारी बदलने की मांग की है।
पीडि़ता ने एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि उसने 11 अपे्रल को सादुलशहर पुलिस थाना में मुकदमा नम्बर 126/19 दर्ज करवाया था। इसमें पे्रम कुमार पुत्र दुलीचंद कुम्हार निवासी वार्ड नम्बर 16 सादुलशहर पर आरोप लगाया था कि वह 8 अपे्रल को घर में अकेली थी। इसी दौरान पे्रम कुम्हार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। प्रकरण की जांच महिला सैल के सीओ रणवीर मीणा को सौंपी गई। एक माह से अधिक समय गुजरने के बावजूद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि उसी पर राजीनामा करने का दबाव डाला जा रहा है। जांच अधिकारी ने उसे कहा कि राजीनामा कर लो, वरना वह एफआर लगा देंगे।
पीडि़ता ने एसपी को बताया कि उसे जांच अधिकारी पर भरोसा नहीं है। आरोपी ने जांच अधिकारी के साथ मिलीभगत कर रखी है। ऐसे में उसके मुकदमे की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपी जाये और उसे न्याय प्रदान किया जाये।
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