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निजी बस पलटी, दो दर्जन सेे अधिक यात्री घायल

- दो गंभीर घायल महिलाएं रेफर
रायसिंहनगर। सीमावर्ती गांवों से सवारियां लेकर आ रही निजी बस आज सुबह गांव 31 पीएस के निकट अनियंत्रित होकर पलट गयी। हादसे में दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गये। गंभीर रूप से घायल दो महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल श्रीगंगानगर के लिए रेफर कर दिया गया है। घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
मिली जानकारी के अनुसार निजी बस गांव 40 पीएस से रायसिंहनगर आज रही थी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे गांव 31 पीएस के निकट बस अनियन्त्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। ग्रामीणों ने घायलों को बस से निकाला और निजी वाहनों व एम्बूलैंस से सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल 70 वर्षीय महला देवी निवासी 70 एनपी व 26 वर्षीय स्वर्णा देवी निवासी 40 पीएस को श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। 19 घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस के अनुसार हादसे में नरेन्द्र कुमार, अजय, नरेश कुमार, सुनीता पत्नी संदीप, गिन्द्रपाल, जसमेल कौर, गुरविन्द्र सिंह, हरदयाल सिंह, राजविन्द्र सिंह, अजायब सिंह, नरेश, रामकुमार, भागो देवी, कणो देवी, शेर सिंह, राजवीर, जोगा, गुरनाम आदी को चोटें आई हैं। बताया जाता है कि निजी बस सवारयिों से खचाखच भरी हुई थी।
प्रशासन मूक बधिर बना रहा
रायसिंहनगर। बस दुर्घटना में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने पर  कोई भी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी घटनास्थल व अस्पताल में नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर घायलों को अस्पताल में पहुंचाया।
बड़ी संख्या में घायलों को जिला अस्पताल में लाये जाने पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों के परिजनों द्वारा अस्पताल में पहुंचने पर भीड़ बढ़ गई। सरकारी अस्पताल के ठीक सामने प्रशासनिक अधिकारियों का कार्यालय है, लेकिन अधिकारी मूक बधिर बने रहे। घायलों को दिए जा रहे उपचार की जानकारी लेने एसडीएम संदीप कुमार व तहसीलदार में से कोई भी वहां नहीं पहुंचा। पुलिस के अधिकारी भी अस्पताल में नहीं पहुंचे। इससे मंडीवासियों में रोष है। उन्होंने कहाकि बड़ा हादसा होने के बावजूद अधिकारियों ने घायलों सुध तक नहीं ली।
चिकित्सालय कर्मचारियों ने
समझा घायलों का दर्द
सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने सड़क दुर्घटना में घायलों का दर्द समझा। नर्सिंग स्टाफ व डॉक्टरों ने अस्पताल में पहुंचे घायलों का तुरंत इलाज शुरू कर दिया। ऐसे में सभी घायलों को बचा लिया गया। अवकाश पर गये नर्सिंग कर्मियों को बड़ा हादसा होने की जानकारी मिली, तो वह निजी कामों को छोड़ कर तुरंत अस्पताल में पहुंच गये और घायलों के उपचार में जुट गये। इस हादसे में चिकित्सालय प्रशासन की सक्रियता की सभी ने प्रशंसा की।

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