उच्च शिक्षा के लिए बैंक आसानी से देता है एजुकेशन लोन
- प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम में साढ़े सात लाख रुपए तक नहीं चाहिए गारण्टी
श्रीगंगानगर। आजकल प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहता है। परन्तु कई दफे कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण योग्य विद्यार्थी भी अपना अध्ययन मनवांछित स्ट्रीम में जारी नहीं रख पाते। ऐसी स्थिति में शिक्षा को सरल और सुलभ बनाने के लिए भारतीय बैंक एसोसिएशन ने केन्द्रीय वित्त मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मार्गदर्शन में विद्या लक्ष्मी पोर्टल बनाया गया है।
प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम के तहत 2015-16 में प्रारम्भ किया गया। यह प्रस्ताव अब आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए बहुत बड़ा सहारा बनकर सामने आया है। इसके लिए 222.1द्बस्र4ड्डद्यड्डद्मह्यद्धद्वद्ब.ष्श.द्बठ्ठ पर उपलब्ध इस पोर्टल के माध्यम से अपनी जरूरत के हिसाब से मनपसंद बैंक और मनपसन्द शाखा में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन सबमिट होने के बाद बैंक अधिकारी स्वयं आवेदक से सम्पर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करवाता है। योजना के तहत बारहवीं पास करने के उपरान्त आवेदक जिस कोर्स में प्रवेश लेना चाहता है, उससे संबंधित कॉलेज का फीस स्ट्रक्चर प्राप्त कर सम्पूर्ण फीस एवं अन्य संभावित खर्च की सीमा तक एजुकेशन लोन प्राप्त कर सकता है। यह लोन उसे अपनी शिक्षा पूर्ण होने के उपरान्त मासिक किश्तों में वापस जमा करवाना होता है, जो कि वह शिक्षा उपरान्त रोजगार प्राप्त करके आसानी से चुका सकता है। बहुत कम ब्याज दर पर मिलने वाले ऋण को समय पर जमा करवाने पर कुछ सबसिडी के रूप में छूट भी अलग-अलग बैंक अपनी योजनानुसार देते हैं। लड़कियों के लिए ब्याज दर एक प्रतिशत तक कम ली जाती है।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि चार लाख रुपए तक का ऋण केवल विद्यार्थी के और 7.5 लाख रुपऐ तक का ऋण विद्यार्थी और उसके अभिभावक के संयुक्त आवेदन पर बिना किसी गारन्टी के उपलब्ध करवाया जाता है। इससे अधिक ऋण के लिए समान राशि की प्रोपर्टी गिरवी रखनी पड़ती है।
श्रीगंगानगर। आजकल प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहता है। परन्तु कई दफे कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण योग्य विद्यार्थी भी अपना अध्ययन मनवांछित स्ट्रीम में जारी नहीं रख पाते। ऐसी स्थिति में शिक्षा को सरल और सुलभ बनाने के लिए भारतीय बैंक एसोसिएशन ने केन्द्रीय वित्त मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मार्गदर्शन में विद्या लक्ष्मी पोर्टल बनाया गया है।
प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम के तहत 2015-16 में प्रारम्भ किया गया। यह प्रस्ताव अब आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए बहुत बड़ा सहारा बनकर सामने आया है। इसके लिए 222.1द्बस्र4ड्डद्यड्डद्मह्यद्धद्वद्ब.ष्श.द्बठ्ठ पर उपलब्ध इस पोर्टल के माध्यम से अपनी जरूरत के हिसाब से मनपसंद बैंक और मनपसन्द शाखा में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन सबमिट होने के बाद बैंक अधिकारी स्वयं आवेदक से सम्पर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करवाता है। योजना के तहत बारहवीं पास करने के उपरान्त आवेदक जिस कोर्स में प्रवेश लेना चाहता है, उससे संबंधित कॉलेज का फीस स्ट्रक्चर प्राप्त कर सम्पूर्ण फीस एवं अन्य संभावित खर्च की सीमा तक एजुकेशन लोन प्राप्त कर सकता है। यह लोन उसे अपनी शिक्षा पूर्ण होने के उपरान्त मासिक किश्तों में वापस जमा करवाना होता है, जो कि वह शिक्षा उपरान्त रोजगार प्राप्त करके आसानी से चुका सकता है। बहुत कम ब्याज दर पर मिलने वाले ऋण को समय पर जमा करवाने पर कुछ सबसिडी के रूप में छूट भी अलग-अलग बैंक अपनी योजनानुसार देते हैं। लड़कियों के लिए ब्याज दर एक प्रतिशत तक कम ली जाती है।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि चार लाख रुपए तक का ऋण केवल विद्यार्थी के और 7.5 लाख रुपऐ तक का ऋण विद्यार्थी और उसके अभिभावक के संयुक्त आवेदन पर बिना किसी गारन्टी के उपलब्ध करवाया जाता है। इससे अधिक ऋण के लिए समान राशि की प्रोपर्टी गिरवी रखनी पड़ती है।
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