अमेरिका से तनातनी के बीच रूस ने चीन को दिया बड़ा तोहफा
-बढ़ जाएगी सैन्य ताकत
नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बीच रूस ने चीन को एक बड़ा तोहफा देकर क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया है। रूस ने द्विपक्षीय समझौते के तहत चीन के सुखोई एसयू-35 स्नद्यड्डठ्ठद्मद्गह्म्-श्व मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट की अंतिम खेप सौंप दी है। रशिया फेडरल सर्विस के अनुसार, चीन की चाइना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स को फाइटर विमानों की यह खेप मिल गई है। चीन और रूस के बीच 2015 में 24 मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 17 हजार करोड़ रुपए में सौदा हुआ था। इस सौदे के तहत जमीनी उपकरण और अतिरिक्त इंजनों की आपूर्ति भी शामिल थी। सौदे के तहत रूस ने 2016 में 4 सुखोई एसयू-35 की आपूर्ति चीन को सौंपी थी। रूस की फेडरल सर्विस की ओर से जारी बयान के अनुसार, उसने इस सौदे के तहत चौथी पीढ़ी के 4++ फाइटर जेट सुखोई एसयू-35 चीन को सौंप दिए हैं। फेडरल सर्विस के बयान के अनुसार, रूस से स्ह्वद्मद्धशद्ब स्ह्व-35 खरीदने वाला चीन पहला विदेशी ग्राहक है।
नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बीच रूस ने चीन को एक बड़ा तोहफा देकर क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया है। रूस ने द्विपक्षीय समझौते के तहत चीन के सुखोई एसयू-35 स्नद्यड्डठ्ठद्मद्गह्म्-श्व मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट की अंतिम खेप सौंप दी है। रशिया फेडरल सर्विस के अनुसार, चीन की चाइना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स को फाइटर विमानों की यह खेप मिल गई है। चीन और रूस के बीच 2015 में 24 मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 17 हजार करोड़ रुपए में सौदा हुआ था। इस सौदे के तहत जमीनी उपकरण और अतिरिक्त इंजनों की आपूर्ति भी शामिल थी। सौदे के तहत रूस ने 2016 में 4 सुखोई एसयू-35 की आपूर्ति चीन को सौंपी थी। रूस की फेडरल सर्विस की ओर से जारी बयान के अनुसार, उसने इस सौदे के तहत चौथी पीढ़ी के 4++ फाइटर जेट सुखोई एसयू-35 चीन को सौंप दिए हैं। फेडरल सर्विस के बयान के अनुसार, रूस से स्ह्वद्मद्धशद्ब स्ह्व-35 खरीदने वाला चीन पहला विदेशी ग्राहक है।

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