रिश्वतखोर पटवारी को दो वर्ष कठोर कारावास
- एसीबी न्यायालय ने 9 वर्ष पुराने मामले में लगाया जुर्माना
श्रीगंगानगर। रिश्वत लेने के तकरीबन 9 वर्ष पुराने प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय ने रिश्वतखोर पटवारी को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार तरसेम सिंह पुत्र बीकर सिंह निवासी 13 एच जोड़किया (श्रीकरणपुर) ने 4 सितंबर 2009 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर में शिकायत की। परिवादी ने बताया कि भाई छिन्दरपालसिंह, अमृतपालसिंह और माता चरणजीत कौर के नाम से 16 एस में 24.10 बीघा जमीन का बेचान कर दिया है। 14 एस के हलका पटवारी गुरचरणसिंह से जमीन की जमाबंदी और गिरदावरी के लिए सम्पर्क किया तो उसने 7000 रुपए की रिश्वत मांगी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन किया तो 6000 रुपए की पुष्टि हुई।
सात सितंबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए पटवारी गुरचरणसिंह को 6000 रुपए की रिश्वत राशि समेत गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज कर बाद जांच पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के बाद भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय ने पटवारी गुरचरण सिंह पुत्र भजनसिंह निवासी मलकाना कलां, श्रीकरणपुर को दोषी माना।
न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 में 2 वर्ष कठोर कारावास, 10 हजार रुपए के जुर्माने और जुर्माना न देने पर 3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इसी तरह धारा 13(1) व सहपठित धारा 13(2) में 2 वर्ष कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
श्रीगंगानगर। रिश्वत लेने के तकरीबन 9 वर्ष पुराने प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय ने रिश्वतखोर पटवारी को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार तरसेम सिंह पुत्र बीकर सिंह निवासी 13 एच जोड़किया (श्रीकरणपुर) ने 4 सितंबर 2009 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर में शिकायत की। परिवादी ने बताया कि भाई छिन्दरपालसिंह, अमृतपालसिंह और माता चरणजीत कौर के नाम से 16 एस में 24.10 बीघा जमीन का बेचान कर दिया है। 14 एस के हलका पटवारी गुरचरणसिंह से जमीन की जमाबंदी और गिरदावरी के लिए सम्पर्क किया तो उसने 7000 रुपए की रिश्वत मांगी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन किया तो 6000 रुपए की पुष्टि हुई।
सात सितंबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए पटवारी गुरचरणसिंह को 6000 रुपए की रिश्वत राशि समेत गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज कर बाद जांच पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के बाद भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय ने पटवारी गुरचरण सिंह पुत्र भजनसिंह निवासी मलकाना कलां, श्रीकरणपुर को दोषी माना।
न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 में 2 वर्ष कठोर कारावास, 10 हजार रुपए के जुर्माने और जुर्माना न देने पर 3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इसी तरह धारा 13(1) व सहपठित धारा 13(2) में 2 वर्ष कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

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