सटोरिए सदा से ही पालते रहे हैं पुलिस की काली भेड़े
- सटोरिए से मिलीभगत होने पर सिपाही निलम्बित
हनुमानगढ़। पर्ची सट्टा व क्रिकेट सट्टे के बड़े सटोरिए सदा ही पुलिस की काली भेड़ों को पालते रहे हैं। अवैध धंधा करने वाले सटोरिए पुलिस की हर छोटी-बड़ी काली भेड़ का मान सम्मान (खर्चा) करते हैं। इसका वह वक्त-बे-वक्त फायदा लेते रहते हैं।
जिले में सटोरियों के खिलाफ सख्ती के चलते पकड़े गये सटोरिए तोलाराम के साथ एक सिपाही की मिलीभगत सामने आने पर पुलिस कप्तान ने उसे निलम्बित कर दिया है। सटोरिए के साथ मिलीभगत करने वाले अन्य पुलिस कर्मियों की भी जांच पड़ताल की जा रही है।
जानकारी के अनुसार आईजी बीएल मीणा के निर्देशन में उनकी स्पेशल टीम में शामिल एसआई रामनिवास, हवलदार राजेन्द्र गोदारा व राजू सिंह, कांस्टेबल सुखदेव सिंह, संदीप रूलानियां, प्रदीप कुमार, नरेश कुमार, संदीप ने सोमवार सुबह रावतसर में गढ़ के पास स्थित तोलाराम के घर दबिश दी। पुलिस टीम ने तोलाराम व उसके कारिन्दों अमित मोदी निवासी भादरा, नरेश सिंह राठौड़ निवासी भाखरावाला चक व राकेश खण्डेलवाल निवासी रावतसर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जा से 3 लाख 65 हजार रुपए की नगदी, सट्टे के हिसाब किताब के रजिस्टर, मोबाइल फोन व अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
इस मामले में पुलिस टीम ने जब तोलाराम का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें खुलासा हुआ कि उसकी सिपाही रविन्द्र मीणा से भी सांठगांठ है। तोलाराम ने सिपाही रविन्द्र मीणा को मैसेज करके पूछा था कि आईजी की स्पेशल टीम उन पर कार्रवाई कर सकती है क्या। इस पर सिपाही ने रिप्लाई में लिखा था कि नहीं। दोनों की चैट का खुलासा होने पर एसपी ने सिपाही रविन्द्र मीणा को निलम्बित कर दिया। रविन्द्र मीणा वर्तमान में रावतसर में ट्रेफिक शाखा में नियुक्त है। वह पूर्व में यहां रहे सीओ दिनेश राजोरा के समय कुछ दिनों के लिए मौखिक आदेश पर गैनमैन था, लेकिन अभी वर्तमान सीओ दुर्गपाल सिंह शेखावत के पास सिपाही त्रिलोक गैनमैन है।
सीओ श्री शेखावत ने बताया कि उनके पास सिपाही रविन्द्र मीणा गैनमैन नहीं रहा। उनके यहां कार्यभार संभालने से पहले कुछ दिनों के लिए रविन्द्र मीणा गैनमैन था, इसकी उन्हें जानकारी मिली है।
वो भी वक्त था, आज सब कुछ उल्टा
हनुमानगढ़। एक वक्त था, जब सट्टा किंग चिमन काणा की फैक्ट्री में पर्ची सट्टा व क्रिकेट सट्टा बुक्की का बड़ा कारोबार होता था, लेकिन पुलिस की हिम्मत नहीं होती थी कि यहां रेड कर दे। सट्टा किंग की गांरटी के साथ क्रिकेट सट्टा बुक्की यहां धड़ल्ले से चलती थी, लेकिन इसके बदले में मोटा भुगतान करना पड़ता था। पुलिस के तमाम खर्चे चिमन काणा ही देखता था।
अब चिमन काणा का वक्त बदल गया है। पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश देकर उसके कारिन्दों को मोटी रकम सहित पकड़ रही है। रावतसर में सटोरियों की धरपकड़ के बाद चिमन काणा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। यह वक्त-वक्त की बात है। पुलिस ने जब चिमनलाल उर्फ काणा को दबोचा, तो मुलजिमों की तरह जमीन पर बैठा दिया। कभी लग्जरी गाडिय़ों में चलते हुए उसे पुलिस की काली भेड़े सलाम ठोकती थी।
हनुमानगढ़। पर्ची सट्टा व क्रिकेट सट्टे के बड़े सटोरिए सदा ही पुलिस की काली भेड़ों को पालते रहे हैं। अवैध धंधा करने वाले सटोरिए पुलिस की हर छोटी-बड़ी काली भेड़ का मान सम्मान (खर्चा) करते हैं। इसका वह वक्त-बे-वक्त फायदा लेते रहते हैं।
जिले में सटोरियों के खिलाफ सख्ती के चलते पकड़े गये सटोरिए तोलाराम के साथ एक सिपाही की मिलीभगत सामने आने पर पुलिस कप्तान ने उसे निलम्बित कर दिया है। सटोरिए के साथ मिलीभगत करने वाले अन्य पुलिस कर्मियों की भी जांच पड़ताल की जा रही है।
जानकारी के अनुसार आईजी बीएल मीणा के निर्देशन में उनकी स्पेशल टीम में शामिल एसआई रामनिवास, हवलदार राजेन्द्र गोदारा व राजू सिंह, कांस्टेबल सुखदेव सिंह, संदीप रूलानियां, प्रदीप कुमार, नरेश कुमार, संदीप ने सोमवार सुबह रावतसर में गढ़ के पास स्थित तोलाराम के घर दबिश दी। पुलिस टीम ने तोलाराम व उसके कारिन्दों अमित मोदी निवासी भादरा, नरेश सिंह राठौड़ निवासी भाखरावाला चक व राकेश खण्डेलवाल निवासी रावतसर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जा से 3 लाख 65 हजार रुपए की नगदी, सट्टे के हिसाब किताब के रजिस्टर, मोबाइल फोन व अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
इस मामले में पुलिस टीम ने जब तोलाराम का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें खुलासा हुआ कि उसकी सिपाही रविन्द्र मीणा से भी सांठगांठ है। तोलाराम ने सिपाही रविन्द्र मीणा को मैसेज करके पूछा था कि आईजी की स्पेशल टीम उन पर कार्रवाई कर सकती है क्या। इस पर सिपाही ने रिप्लाई में लिखा था कि नहीं। दोनों की चैट का खुलासा होने पर एसपी ने सिपाही रविन्द्र मीणा को निलम्बित कर दिया। रविन्द्र मीणा वर्तमान में रावतसर में ट्रेफिक शाखा में नियुक्त है। वह पूर्व में यहां रहे सीओ दिनेश राजोरा के समय कुछ दिनों के लिए मौखिक आदेश पर गैनमैन था, लेकिन अभी वर्तमान सीओ दुर्गपाल सिंह शेखावत के पास सिपाही त्रिलोक गैनमैन है।
सीओ श्री शेखावत ने बताया कि उनके पास सिपाही रविन्द्र मीणा गैनमैन नहीं रहा। उनके यहां कार्यभार संभालने से पहले कुछ दिनों के लिए रविन्द्र मीणा गैनमैन था, इसकी उन्हें जानकारी मिली है।
वो भी वक्त था, आज सब कुछ उल्टा
हनुमानगढ़। एक वक्त था, जब सट्टा किंग चिमन काणा की फैक्ट्री में पर्ची सट्टा व क्रिकेट सट्टा बुक्की का बड़ा कारोबार होता था, लेकिन पुलिस की हिम्मत नहीं होती थी कि यहां रेड कर दे। सट्टा किंग की गांरटी के साथ क्रिकेट सट्टा बुक्की यहां धड़ल्ले से चलती थी, लेकिन इसके बदले में मोटा भुगतान करना पड़ता था। पुलिस के तमाम खर्चे चिमन काणा ही देखता था।
अब चिमन काणा का वक्त बदल गया है। पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश देकर उसके कारिन्दों को मोटी रकम सहित पकड़ रही है। रावतसर में सटोरियों की धरपकड़ के बाद चिमन काणा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। यह वक्त-वक्त की बात है। पुलिस ने जब चिमनलाल उर्फ काणा को दबोचा, तो मुलजिमों की तरह जमीन पर बैठा दिया। कभी लग्जरी गाडिय़ों में चलते हुए उसे पुलिस की काली भेड़े सलाम ठोकती थी।

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