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रेलयात्रा में बहुत काम आएगा नोट कर लें यह नंबर

- लड़ाई-झगड़ा, मारपीट, चोरी, छेड़छाड़ आदि की शिकायतें कराई जा सकेंगी दर्ज
श्रीगंगानगर। चलती ट्रेन में सफर करते समय किसी तरह की समस्या पेश आने पर आल इंडिया सिक्योरिटी हेल्पलाइन 182 पर कॉल करके कहीं पर भी आरपीएफ की मदद ले सकते हैं। यहीं नहीं किसी भी रेलवे स्टेशन के परिसर में भी इस हेल्पलाइन की सहायता ली जा सकती है।
इस हेल्पलाइन पर दर्ज होने वाली शिकायत का पूरा ब्यौरा तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचता है, इसलिए आरपीएफ के अधिकारी या कर्मचारी इसे अनदेखा नहीं कर सकते। क्योंकि बाद में संबंधित व्यक्ति से फीडबैक भी लिया जाता है। मगर अधिकांश रेलयात्री जानकारी न होने के कारण इसका प्रयोग नहीं कर पाते हैं और समस्या पेश आने पर इधर से उधर भटकते रहते हैं। अक्सर देखने को मिला है कि जब रेल यात्री को कोई परेशानी होती है तो अधिकार क्षेत्र का चक्कर डाल कर इधर से उधर भटकाया जाता है।
यात्रियों को इसी परेशानी से निजात दिलवाने के लिए आरपीएफ की ओर से यह हेल्पलाइन शुरू की गई है। इस हेल्पलाइन पर लड़ाई-झगड़ा, मारपीट, चोरी, छेड़छाड़ आदि की शिकायतें दर्ज करवाई जा सकती हैं। 182 पर कॉल करते ही शिकायत रजिस्टर्ड हो जाती है। इस संबंधी पूरी जानकारी शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए पहुंच जाती है। इसमें शिकायत नंबर रहता है। उसी नंबर के जरिए बाद में शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन भी चेक किया जा सकता है।
देना होगा पीएनआर नंबर
जब कोई यात्री इस हेल्पलाइन पर शिकायत करता है तो उसे अपनी टिकट पर लिखा पीएनआर नंबर देना होता है। यह पीएनआर नंबर आरपीएफ के कंट्रोल रूम में पहुंचता है। वहीं से पता चल जाता है कि यात्री कौन सी ट्रेन के कौन से कोच में कितनी नंबर सीट पर मौजूद है। साथ ही ट्रेन का रनिंग स्टेटस भी मिल जाता है कि आखिर कहां पहुंची है या कौन से रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। इससे जो भी स्टेशन करीब होता है वहां की आरपीएफ टीम को तुरंत मैसेज भेजकर सहायता के लिए रवाना किया जाता है। बाद में शिकायत को संबंधित आरपीएफ थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।


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