25 को कलक्ट्रेट पर धरना लगाएंगे इलाके के किसान
- ओलावृष्टि और बरसात से नष्ट हुई फसलों का मांगा मुआवजा
श्रीगंगानगर। अखिल भारतीय किसान सभा सहित विभिन्न संगठनों की आज पंचायती धर्मशाला में बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया कि यदि सरकार ने ओलावृष्टि व बरसात से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा नहीं दिया तो 25 अप्रेल को कलेक्ट्रेट पर धरना लगाएंगे। किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी ने कहा कि गंगानगर संघर्ष समिति, किसान दल सहित कई किसान संगठन एकजुट हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि इलाके में दो दिन से लगातार हुई बारिश की वजह से गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसी स्थिति में किसानों की आर्थिक कमर टूट गई है। शत-प्रतिशत नुकसान की वजह से बीमा कम्पनियों को शीघ्र क्लेम देना चाहिए, लेकिन हालत यह है कि अभी तक बीमा कम्पनी के कार्मिकों ने सर्वे तक नहीं करवाया।
टोल फ्री नम्बर उठाया नहीं जा रहा है। सात दिनों के अंदर सरकार तुरंत प्रभाव से सर्वे करवाकर 25 प्रतिशत राशि तो पीडि़त किसानों को उनके खातों में जमा करवाएं ताकि उन्हें राहत मिले। इस मौके पर पूर्व विधायक का. हेतराम बेनीवाल, महासचिव केवलसिंह आदि ने भी रोष जताते हुए कहा कि फसलें नष्ट हो चुकी हैं। इसलिए मुआवजा शीघ्र जारी किया जाए। इसके बाद यहां से सभी किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर साधुवाली किसान नेता अमर सिंह बिश्नोई ने कहा कि वर्षा की वजह से इलाके के सब्जी उत्पादक किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार मुआवजे के रूप में इन किसानों को भी राहत दे, ताकि फिर से सब्जियों की बुवाई हो सके।
श्रीगंगानगर। अखिल भारतीय किसान सभा सहित विभिन्न संगठनों की आज पंचायती धर्मशाला में बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया कि यदि सरकार ने ओलावृष्टि व बरसात से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा नहीं दिया तो 25 अप्रेल को कलेक्ट्रेट पर धरना लगाएंगे। किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी ने कहा कि गंगानगर संघर्ष समिति, किसान दल सहित कई किसान संगठन एकजुट हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि इलाके में दो दिन से लगातार हुई बारिश की वजह से गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसी स्थिति में किसानों की आर्थिक कमर टूट गई है। शत-प्रतिशत नुकसान की वजह से बीमा कम्पनियों को शीघ्र क्लेम देना चाहिए, लेकिन हालत यह है कि अभी तक बीमा कम्पनी के कार्मिकों ने सर्वे तक नहीं करवाया।
टोल फ्री नम्बर उठाया नहीं जा रहा है। सात दिनों के अंदर सरकार तुरंत प्रभाव से सर्वे करवाकर 25 प्रतिशत राशि तो पीडि़त किसानों को उनके खातों में जमा करवाएं ताकि उन्हें राहत मिले। इस मौके पर पूर्व विधायक का. हेतराम बेनीवाल, महासचिव केवलसिंह आदि ने भी रोष जताते हुए कहा कि फसलें नष्ट हो चुकी हैं। इसलिए मुआवजा शीघ्र जारी किया जाए। इसके बाद यहां से सभी किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर साधुवाली किसान नेता अमर सिंह बिश्नोई ने कहा कि वर्षा की वजह से इलाके के सब्जी उत्पादक किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार मुआवजे के रूप में इन किसानों को भी राहत दे, ताकि फिर से सब्जियों की बुवाई हो सके।

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