बॉर्डर के गांवों के युवाओं को मजबूत बनाएंगे सरहद के रखवाले
- श्रीगंगानगर समेत सभी सीमावर्ती जिलों में बीएसएफ की नई पहल
श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच अब सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों के युवाओं को सेना से जोडऩे और उन्हें मजबूत बनाने के लिए सीमा सुरक्षा बल नई पहल कर रहा है।
बीएसएफ युवाओं को बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और अन्य खेलों के मैदान तथा खेल सामग्री के साथ जिम भी उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए श्रीगंगानगर समेत सभी सरहदी जिलों में गांवों का चयन किया जाएगा।
सीमावर्ती बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जिलों में बीएसएफ की बटालियनें हैं। पूरे सीमांत क्षेत्र में बीएसएफ युवाओं की एक पूरी टीम से जुड़ेगा जो फोर्स के नेटवर्क को भी मजबूत करेगी।
बीएसएफ की एक बटालियन चार-चार गांवों का चयन करेगी। प्रत्येक बटालियन क्षेत्र के 16 गांवों से जुड़ेगी। वहां बीएसएफ के प्रशिक्षक युवाओं को खेल और सेना में आने के लिए प्रशिक्षित भी करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में राह भटके युवाओं की ओर से पत्थरबाजी जैसी घटनाओं के बाद सामरिक सुरक्षा की दृष्टि से बीएसएफ ने यह जरूरी माना है कि सीमांत इलाके के युवाओं को देशभक्ति की भावना से लबरेज किया जाए।
इसके लिए सीमा सुरक्षा बल नागरिक सेवा के कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण लोगों से जुड़ा हुआ है। इसमें एक कदम आगे बढ़ते हुए अब युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
प्रत्येक बटालियन जोड़ेगी चार खेलों से
बीएसएफ की प्रत्येक बटालियन को चार-चार खेल दिए गए हैं इनमें जिम, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल व एक खेल ग्रामीणों की पसंद का रहेगा। इन खेलों में बीएसएफ 16 गांवों के करीब डेढ़ सौ से अधिक युवाओं को जोड़ेेगी।
बीएसएफ इन चुनिंदा गांव में खेल के मैदान और जिम के लिए कमरा तैयार करके देगा। साथ ही खिलाडिय़ों के लिए खेल का पूरा किट उपलब्ध करवाएगा, जिसमें ट्रैक सूट और गेम सूट भी रहेंगे। जिम में एक प्रशिक्षक भी होगा जो अन्य गतिविधियों का ध्यान रखेगा।
श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच अब सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों के युवाओं को सेना से जोडऩे और उन्हें मजबूत बनाने के लिए सीमा सुरक्षा बल नई पहल कर रहा है।
बीएसएफ युवाओं को बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और अन्य खेलों के मैदान तथा खेल सामग्री के साथ जिम भी उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए श्रीगंगानगर समेत सभी सरहदी जिलों में गांवों का चयन किया जाएगा।
सीमावर्ती बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जिलों में बीएसएफ की बटालियनें हैं। पूरे सीमांत क्षेत्र में बीएसएफ युवाओं की एक पूरी टीम से जुड़ेगा जो फोर्स के नेटवर्क को भी मजबूत करेगी।
बीएसएफ की एक बटालियन चार-चार गांवों का चयन करेगी। प्रत्येक बटालियन क्षेत्र के 16 गांवों से जुड़ेगी। वहां बीएसएफ के प्रशिक्षक युवाओं को खेल और सेना में आने के लिए प्रशिक्षित भी करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में राह भटके युवाओं की ओर से पत्थरबाजी जैसी घटनाओं के बाद सामरिक सुरक्षा की दृष्टि से बीएसएफ ने यह जरूरी माना है कि सीमांत इलाके के युवाओं को देशभक्ति की भावना से लबरेज किया जाए।
इसके लिए सीमा सुरक्षा बल नागरिक सेवा के कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण लोगों से जुड़ा हुआ है। इसमें एक कदम आगे बढ़ते हुए अब युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
प्रत्येक बटालियन जोड़ेगी चार खेलों से
बीएसएफ की प्रत्येक बटालियन को चार-चार खेल दिए गए हैं इनमें जिम, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल व एक खेल ग्रामीणों की पसंद का रहेगा। इन खेलों में बीएसएफ 16 गांवों के करीब डेढ़ सौ से अधिक युवाओं को जोड़ेेगी।
बीएसएफ इन चुनिंदा गांव में खेल के मैदान और जिम के लिए कमरा तैयार करके देगा। साथ ही खिलाडिय़ों के लिए खेल का पूरा किट उपलब्ध करवाएगा, जिसमें ट्रैक सूट और गेम सूट भी रहेंगे। जिम में एक प्रशिक्षक भी होगा जो अन्य गतिविधियों का ध्यान रखेगा।

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