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सुपर कप विवाद से भारतीय फुटबाल की छवि हुई धूमिल

नई दिल्ली। भारत ने वर्ष 2020 में होने वाले फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिए जो मेजबानी हासिल की है, वह फुटबाल प्रशंसकों के लिए बहुत अच्छी खबर है. भारत 2017 में फीफा अंडर -17 विश्व कप (लड़कों) की सफलतापूर्वक मेजबानी करने के बाद एक और मेजबनी पाने में सफल रहा है. अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपलब्धियों के लिए बधाई के पात्र हैं क्योंकि वह भारत को विश्व फुटबाल मानचित्र पर लाने में सफल रहे हैं, लेकिन खेल के राज्य के बारे में क्या जो आपके पीछे है. हाल के दिनों में मीडिया पर में जारी खबरों के मुताबिक, आई-लीग के आठ क्लबों द्वारा टूर्नामेंट से हटने की धमकी देने के बाद सुपर कप का भविष्य अधर में है. पहला मैच मिनर्वा पंजाब एफसी और पुणे सिटी एफसी के बीच 15 मार्च होना था जिसे रद्द कर दिया गया, क्योंकि मिनर्वा मैच खेलने मैदान नहीं पहुंचे. 16 मार्च को भी दो और मैच होने की उम्मीद थी कि आइजोल एफसी और निरोका एफसी ने घर लौटने का फैसला किया है.  आई-लीग के आठ क्लबों ने 18 फरवरी को एआईएफएफ अध्यक्ष को एक पत्र भेजा गया था जिसमें उन्होंने लीग के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, लेकिन फुटबाल बोर्ड ने इस पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. बाद में इन्हीं आठ क्लबों ने सुपर कप का बहिष्कार करने की भी धमकी दी है. इसके साथ ही सुपर कप पर प्रश्नचिह्न् लग गया है जो 29 मार्च से शुरू होने है. इस बीच, एआईएफएफ ने क्वेस ईस्ट बंगाल को 18 मार्च तक अपनी भागीदारी की पुष्टि करने के लिए कहा है.

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