जीएसटी का फायदा ग्राहकों को नहीं देने पर स्टारबक्स पर लग सकता है जुर्माना
मुंबई। एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी अमेरिकी कॉफी चेन स्टारबक्स पर जुर्माना लगा सकती है। कंपनी पर आरोप है कि उसने जीएसटी की दरों में कमी का फायदा अपने ग्राहकों को नहीं दिया। टैक्स अथॉरिटीज ने स्टारबक्स से उसके प्रॉडक्ट्स के दाम में कटौती के बारे में कुछ सवाल पूछे थे और डेटा के लिए लेटर्स के दो सेट जारी किए थे। दिग्गज अमेरिकी कॉफी कंपनी इंडिया में कारोबार टाटा ग्रुप के साथ मिलकर बनाए गए ज्वाइंट वेंचर टाटा स्टारबक्स के तहत करती है। सूत्रों ने बताया कि स्टारबक्स ने जीएसटी रेट 18त्न से घटाकर 5त्न किए जाने के बावजूद प्रॉडक्ट्स के दाम नहीं घटाए थे। नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी (हृ्र्र) को दिए जवाब में स्टारबक्स ने प्राइस और कॉस्ट की तफसील से जानकारी दी थी। स्टारबक्स और कई दूसरे कॉफी शॉप्स खुद को रेस्टोरेंट्स के बजाय क्विक सर्विस ज्वाइंट बताती हैं। हालांकि त्रस्ञ्ज फ्रेमवर्क में दोनों पर एक बराबर टैक्स लगाया गया है। रेस्टोरेंट्स के लिए पहले 18त्न टैक्स रेट तय किया गया था, जिसे 2018 की शुरुआत में घटाकर 5त्न कर दिया गया। हालांकि, इसमें एक शर्त जोड़ी गई थी। लीगल एक्सपट्र्स का कहना है कि रेंट में फर्क के चलते कई रेस्टोरेंट्स के लिए प्रॉडक्ट्स की सही कॉस्ट तय करना मुश्किल हो सकता है। खेतान एंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक ए रस्तोगी कहते हैं, 'रेस्टोरेंट्स पर त्रस्ञ्ज रेट घटा दिया गया था, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट भी रोका गया था। यह कैलकुलेट करना मुश्किल है कि कौन सा खर्च असल में लागत है और टैक्स रेट कट से किसी एंटिटी को कितना बेनेफिट हुआ है। एंटी प्रॉफिटियरिंग के कैलकुलेशन वाली कोई मेथडलॉजी नहीं होने के चलते होटलों के लिए टैक्स रेट कट के चलते होने वाले बेनेफिट का पता लगाना मुश्किल है।Ó जीएसटी फ्रेमवर्क के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट ऐसी व्यवस्था है, जिसमें कंपनियां रॉ मैटीरियल पर चुकाए गए टैक्स को फ्यूचर में बनने वाली टैक्स लायबिलिटी से सेटऑफ करती हैं। इस मामले के जानकार एक सूत्र ने बताया कि एनएए को इस पहलू से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'हृ्र्र का सरोकार इस बात से है कि क्या जीएसटी रेट कट होने के बाद दाम घटे और क्या इनपुट टैक्स क्रेडिट के बेनेफिट्स कंज्यूमर को दिए गए स्टारबक्स ने अपने प्रॉडक्ट्स के दाम नहीं घटाए।Ó टाटा स्टारबक्स के आधिकारिक प्रवक्ता को इस बारे में ईमेल भेजकर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं मिला है।

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