Breaking News

गैर मेघवाल जातियों का मुद्दा उछलने से निहालचंद मुसीबत में

- 58 अनुसूचित जातियों के लोग कह रहे हैं हर बार मेघवाल को ही मौका क्यों
श्रीगंगानगर। पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने बीकानेर संसदीय सीट पर गैर मेघवाल जातियों की उपेक्षा का जो मुद्दा उठाया था, वह मुद्दा श्रीगंगानगर सीट पर मौजूदा भाजपा सांसद निहालचंद मेघवाल के लिए परेशानी का सबब बन गया है। भाजपा मेंं निहालचंद को टिकट देने का पहले से ही विरोध हो रहा था, अब गैर मेघवाल जातियों की उपेक्षा की बात व्यापक स्तर पर उछल जाने से उनके लिए परेशानी बढ़ गई है।
भाटी ने बीकानेर मेंं गैर मेघवाल का मुद्दा मौजूदा सांसद केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को घेरने के लिए उठाया। जब अर्जुनराम के बीकानेर छोड़ श्रीगंगानगर सीट से टिकट मांगने की चर्चा फैली तो भाटी इस मसले को यहां भी ले आए। श्रीगंगानगर जिले में भाटी ने इस मुद्दे पर बैठक की तो बीजेपी की पूर्व विधायक शिमला देवी बावरी भी इसमें शामिल हुईं। शिमला बावरी ने भाजपा द्वारा आज तक कभी मेघवाल जाति के अलावा किसी अन्य अनुसूचित जाति को टिकट नहीं देने की आलोचना की।  केवल भाजपा ही नहीं, कांग्रेस में भी मेघवाल बनाम गैर मेघवाल का मुद्दा उछल रहा है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित श्रीगंगानगर सीट पर 1977 से मेघवाल समाज का प्रत्याशी ही जीतता आया है। लेकिन भाटी ने गैर मेघवाल को जागरूक क्या किया, सभी गैर मेघवाल जातियां टिकट की मांग को लेकर आवाज उठाने लगी हैं। दर्जनों अन्य जातियों के लोगों ने भाजपा और कांग्रेस को चेताना शुरू कर दिया है। इससे बीजेपी और कांग्रेस दोनों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मेघवाल जाति के प्रत्याशी को टिकट देने का कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में विरोध शु्रू हो गया है।
इस कारण फैल रहा 58 जातियों में आक्रोश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आठ विधानसभा क्षेत्रों वाले श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र के कुल 19 लाख 35 हजार मतदाताओं में से मेघवाल समाज के मतदाता महज 6.5 प्रतिशत ही होने का दावा किया जा रहा है। अनुसूचित जाति की 59 जातियों के 36 प्रतिशत मतदाताओं में से 28 प्रतिशत मतदाता गैर मेघवाल जातियों बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद 1977 के बाद से आज तक मेघवाल जाति के अलावा अन्य किसी को टिकट नहीं मिली। इसी को लेकर एससी वर्ग की 58 जातियों में रोष पैदा हो रहा है।


No comments